कोट्स (Quotes)

Swami Vivekananda Quotes in Hindi & English

स्वामी विवेकानंद एक हिंदू भिक्षु थे और भारत के सबसे प्रसिद्ध आध्यात्मिक नेताओं में से एक थे। वह सिर्फ एक आध्यात्मिक दिमाग से अधिक था; वह एक प्रखर विचारक, महान वक्ता और भावुक देशभक्त थे। उन्होंने अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस के स्वतंत्र चिंतन को एक नए प्रतिमान में आगे बढ़ाया।

उन्होंने गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा में, अपने देश के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने, समाज की भलाई के लिए अथक प्रयास किया। वह हिंदू आध्यात्मवाद के पुनरुत्थान के लिए जिम्मेदार थे और विश्व मंच पर एक श्रद्धेय धर्म के रूप में हिंदू धर्म की स्थापना की।

सार्वभौमिक भाईचारे और आत्म-जागृति का उनका संदेश दुनिया भर में व्यापक राजनीतिक उथल-पुथल की वर्तमान पृष्ठभूमि में प्रासंगिक बना हुआ है। युवा भिक्षु और उनकी शिक्षाएँ कई लोगों के लिए प्रेरणा रही हैं, और उनके शब्द विशेष रूप से देश के युवाओं के लिए आत्म-सुधार के लक्ष्य बन गए हैं।

स्वामी विवेकानंद विचार – Thoughts of Swami Vivekananda in hindi

हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का धयान रखिये
कि आप क्या सोचते हैं. शब्द गौण हैं. विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते हैं

तुम्हे अन्दर से बाहर की तरफ विकसित होना है. कोई तुम्हे पढ़ा नहीं सकता, कोई तुम्हे आध्यात्मिक नहीं बना सकता. तुम्हारी आत्मा के आलावा कोई और गुरु नहीं है |

विश्व एक व्यायामशाला है जहाँ हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं

Quotes for students

एक विचार लो और उस विचार को अपनी ज़िंदगी बना लो |
उसी विचार के बारे में सोचो , उसी के सपने देखो उसी को जियो |

किसी की निंदा ना करें: अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं,

तो ज़रुर बढाएं. अगर नहीं बढ़ा सकते, तो अपने हाथ जोड़िये, अपने

भाइयों को आशीर्वाद दीजिये, और उन्हें उनके मार्ग पे जाने दीजिये

Quotes on love

दर्द और ख़ुशी दोनों ही अच्छे टीचर हैं|

जिस वयक्ति के पास सीखने को कुछ नहीं है
वो मौत से पहले ही मर गया है |

कभी मत सोचिये कि आत्मा के लिए कुछ असंभव है, ऐसा सोचना सबसे

बड़ा विधर्म है. अगर कोई पाप है, तो वो यही है; ये कहना कि तुम निर्बल हो या अन्य निर्बल हैं |

Quotes on education

भगवान् की एक परम प्रिय के रूप में पूजा की जानी चाहिए,

इस या अगले जीवन की सभी चीजों से बढ़कर

यदि स्वयं में विश्वास करना और अधिक विस्तार से पढाया और अभ्यास कराया गया

होता, तो मुझे यकीन है कि बुराइयों और दुःख का एक बहुत बड़ा हिस्सा गायब हो गया होता

Quotes on youth

हम जितना ज्यादा बाहर जायें और दूसरों का भला करें,

हमारा ह्रदय उतना ही शुद्ध होगा, और परमात्मा उसमे बसेंगे

एक शब्द में, यह आदर्श है कि तुम परमात्मा हो

सत्य को हज़ार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक सत्य ही होगा

भला हम भगवान को खोजने कहाँ जा सकते हैं अगर उसे अपने

ह्रदय और हर एक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते

इस दुनिया में सभी भेद-भाव किसी स्तर के हैं, ना कि प्रकार

के, क्योंकि एकता ही सभी चीजों का रहस्य है

अगर धन दूसरों की भलाई करने में मदद करे, तो इसका कुछ मूल्य है,

अन्यथा, ये सिर्फ बुराई का एक ढेर है, और इससे जितना जल्दी

छुटकारा मिल जाये उतना बेहतर है |

सुविचार एवं थॉट

उस व्यक्ति ने अमरत्व प्राप्त कर लिया है, जो किसी सांसारिक वस्तु से व्याकुल नहीं होता

उठो मेरे शेरो, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम निर्बल हो, तुम एक अमर आत्मा हो,

स्वच्छंद जीव हो, धन्य हो, सनातन हो, तुम तत्व नहीं हो, ना ही शरीर हो,

तत्व तुम्हारा सेवक है तुम तत्व के सेवक नहीं हो

जब तक आप खुद पे विश्वास नहीं करते तब तक आप भागवान पे विश्वास नहीं कर सकते

बस वही जीते हैं,जो दूसरों के लिए जीते हैं |

मनुष्य की सेवा करो. भगवान की सेवा करो

The greatest sin is to think yourself weak.

Blessed are they whose bodies get destroyed in the service of others.

सारी शक्ति तुम्हारे अंदर ही है | तुम हर चीज़ कर सकते हो

अगर एक दिन भी ऐसा बिता की तुम्हे एक भी परेशानी
नहीं आई तो समझ लो की तुम गलत रास्ते पर जा रहे हो

जिस तरह से विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न धाराएँ अपना जल समुद्र में मिला देती हैं, उसी प्रकार मनुष्य द्वारा चुना हर मार्ग, चाहे अच्छा हो या बुरा भगवान तक जाता है |

हमारा कर्तव्य है कि हम हर किसी को उसका उच्चतम आदर्श जीवन

जीने के संघर्ष में प्रोत्साहन करें, और साथ ही साथ उस आदर्श को

सत्य के जितना निकट हो सके लाने का प्रयास करें

स्वामी विवेकानंद यांचे शैक्षणिक विचार

काही हृदय-पूर्ण, प्रामाणिक आणि उत्साही पुरुष आणि महिला
एका शतकात जमावण्यापेक्षा वर्षामध्ये आणखी काही करता येते

काहीही विचारू नका; परत काहीही नको. आपल्याकडे जे आहे ते द्या
देणे; ते तुमच्याकडे परत येईल, पण आता त्याबद्दल विचार करू नका

ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं. वो हमीं हैं जो

अपनी आँखों पर हाँथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अन्धकार है |

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top