श्री सत्यनारायण पूजा विधि – पूजन सामग्री, व्रत कथा, महत्व – Satyanarayan Vrat Katha Puja Vidhi in Hindi

satanarayan Vrat Katha_ Puja Vidhi in Hindi

हिन्दू धर्म में कई ऐसे व्रत और पूजा हैं जिसे हिंदुत्व समाज बड़ी श्रद्धा से मनाता हैं| हर व्रत या पूजा करने का अलग महत्व और उसके पीछे सच्ची आस्था और कारण होता हैं| जैसे की नवरात्र का व्रत माँ पार्वती को प्रसन्न करने के लिए किया जाता हैं और जन्माष्टमी की पूजा कृष्ण भगवान् को प्रसन्न करने के लिए | ऐसे ही एक व्रत और पूजा होती हैं जिन्हे हिंदू धर्म के लोग बड़ी श्रद्धा से बनाते हैं| सत्यनारायण की कथा और व्रत पूजा सभी व्रतों में से सबसे बड़ा व्रत होता हैं| इसे भगवान् सत्यनारायण को प्रसन्न करने के लिए बनाया जाता हैं| तो आइये आज इस पोस्ट में हम आपको सत्यनारायण पूजा विधि, कथा और सत्यनारायण व्रत सामग्री के बारे में हिंदी,मलयालम, तमिल,तेलगु, मराठी और गुजराती में जानकारी देंगे |

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सत्यनारायण पूजा महत्व

सत्यनारायण की पूजा का हिन्दू धर्म में बहुत ही ज्यादा महत्व हैं| यह हिन्दू धर्म की सबसे बड़े व्रतों में से एक हैं| यह पूजा भगवान् सत्यनारायण को प्रसन्न करने के लिए की जाती हैं| बताया जाता हैं की सत्यनारायण भगवान्  विष्णु भगवान् के अवतार थे| वैसे तो इनकी पूजा पूर्णिमा वाले दिन और बहुत से शुभ दिन पर की जाती हैं लेकिन इसकी पूजा ज्यादातर लोग दिल की मनोकामनाओ को पूरा करने के लिए करते हैं| कहा जाता हैं की आपका कोई भी अटका हुआ या अधूरा काम इस पूजा को करने के बाद पूरा हो जाता हैं| इस पूजा का महत्व  गीता मे भी बताया गया हैं| इस पूजा में कभी भी प्रसाद का अनादर नहीं करना चाहिए और पूजा के संकल्प को कभी भूलना नहीं चाइए |

सत्यनारायण पूजा सामग्री

सत्यनारायण पूजा सामग्री

तो आइये अब हम आपको बताते हैं की इस पूजा और व्रत में क्या सामग्री का इस्तेमाल होता हैं सबसे पहले 1 चौकी या पटला तथा उस पर बिछाने के लिए एक मीटर पीला या सफ़ेद कपडा अबीर ,भगवान् के भोग के लिये चूरमा, पंजीरी या हल्वा इत्यादि | अगरबत्ती ,10 ग्राम लौंग ,10 ग्राम,इलायची ,32 सुपारी ,चन्दन, 500 ग्राम चावल, गुलाल, कुमकुम (रोली), सिंदूर, हल्दी, मोली, धुप, गुलाबजल, गोमूत्र, पञ्च मेवा, 5 आम के पत्ते, हार फूल तुलसी पत्र, 10 ग्राम लौंग, 10 ग्राम इलायची, 32 सुपारी, गुलाल, 4 केले के खम्बे, 250 ग्राम मिठाई, 2 लीटर दूध, 200 ग्राम दही, 5 जनेऊ, 1 नारियल, भगवन के वस्त्र, 250 ग्राम घी, 10 ग्राम पीली राई, 250 गेहूँ, 50 ग्राम कपूर, इत्र, कापूस, गंगाजल, 5 पान के पत्ते, 100 ग्राम चीनी, 50 ग्राम शहद भगवन के भोग के लिये चूरमा, पंजीरी या हल्वा इत्यादि

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Satyanarayan Puja Vidhi

इस व्रत को अच्छे से संपन्न करने के लिए इस व्रत की सारी विधि जानना आवश्यक हैं| सत्यनारायण व्रत-कथा की पुस्तक में भी इस पूजा को करने के तरीके के बारे में बताया हैं|

श्री सत्यनारायण पूजा विधि

  • जो भी व्यक्ति यह पूजा करना चाहता हैं उसे सत्यनारायण के व्रत का संकल्प लेना होगा और पुरे दिन अन्न त्याग कर व्रत रखना होगा|
  • पूजा के स्थान की शुद्धि के लिए उसको गाय के गोबर से पवित्र करके वहा एक अल्पना बनाना होगा|
  • उस अल्पना पर पूजा की चौकी रखनी होगी और उस चौकी के चारो पैर पर केले के वृक्ष लगाने होंगे|
  • चौकी पर सत्यनारायण जी की और कृष्ण जी की प्रतिमा लगाए|
  • पूजा प्रारंभ करते समय सबसे पहले गणेश जी की पूजा होती हैं| उसके बाद सीता माता और राम जी की पूजा होती हैं उसके बाद श्री कृष्ण जी की पूजा होती हैं|
  • इन सब की पूजा करने के बाद आपको लक्ष्मी माता फिर महादेव और अंत में ब्रह्मा जी की पूजा होती हैं|
  • इसके बाद आपको सब भगवानो की आरती करनी होती हैं और चिन्नमृत वितरित करना होता हैं|
  • किसी पंडित या पुजारी को भोजन करवा कर वस्त्र भेट करने होते हैं|

सत्यनारायण की पूजा का शुभ दिन 2018

  • 02 जनवरी (मंगलवार) श्री सत्यनारायण व्रत (पौष पूर्णिमा)
  • 31 जनवरी (बुधवार) श्री सत्यनारायण व्रत (माघ पूर्णिमा)
  • 01 मार्च (गुरुवार) श्री सत्यनारायण व्रत (फाल्गुन पूर्णिमा)
  • 31 मार्च (शनिवार) श्री सत्यनारायण व्रत (चैत्र पूर्णिमा)
  • 30 अप्रैल (सोमवार) श्री सत्यनारायण व्रत (वैशाख पूर्णिमा)
  • 29 मई (मंगलवार) श्री सत्यनारायण व्रत (ज्येष्ठ पूर्णिमा)
  • 28 जून (गुरुवार) श्री सत्यनारायण व्रत (ज्येष्ठ पूर्णिमा)
  • 27 जुलाई (शुक्रवार) श्री सत्यनारायण व्रत (आषाढ़ा पूर्णिमा)
  • 26 अगस्त (रविवार) श्री सत्यनारायण व्रत (श्रावण पूर्णिमा)
  • 25 सितम्बर (मंगलवार) श्री सत्यनारायण व्रत (भाद्रपद पूर्णिमा)
  • 24 अक्तूबर (बुधवार) श्री सत्यनारायण व्रत (आश्विन पूर्णिमा)
  • 23 नवम्बर (शुक्रवार) श्री सत्यनारायण व्रत (कार्तिक पूर्णिमा)
  • 22 दिसम्बर (शनिवार) श्री सत्यनारायण व्रत (मार्गशीर्ष पूर्णिमा)

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