Shattila Ekadashi

षटतिला एकादशी का महत्व

षटतिला एकादशी क्या है : षटतिला यानि शाट-तिला एकादशी के व्रत को लोग बहुत महत्वपूर्ण मानते है यह दिन हिंदी पंचांग के अनुसार प्रतिवर्ष माघ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को पड़ता है और यह दिन इस साल यानि 2017 में 23 जनवरी को है यह व्रत हिन्दू धर्म में बहुत पवित्र माना जाता है यह त्यौहार तिलों से जुड़ा हुआ होता है इसलिए इसे षटतिला का व्रत कहा जाता है और षटतिला की पूजा में तिलों का बहुत महत्व है तो आज हम आपको बताएँगे की किस तरह से आप इस एकादशी के व्रत को रखेंगे, क्या है इनकी षटतिला पूजा विधि, षटतिला व्रत का महत्व, व्रत कथा वैसे कई लोग इंटनेट के माध्यम से जानने के लिए सर्च करते है शाट-तिला, षटतिला, ekadashi vrat rules इस तरह से सर्च करते है तो हम आपको सभी प्रकार की जानकारियां देंगे हमारी इस पोस्ट में |

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षटतिला एकादशी का महत्व

षटतिला एकादशी का व्रत हिन्दू धर्म के मुताबिक बेहद धार्मिक त्यौहार है और इसका काफी महत्व भी है जिसके बारे में हम आपको की क्या है व्रत का महत्व इस व्रत को रखने से मनुष्य के पाप समाप्त हो जाते है और उसको स्वर्ग की प्राप्ति होती है जो मनुष्य इस व्रत को पुरे श्रद्धा भाव से रखता है उसके सभी पाप इस व्रत को संपूर्ण करने के बाद नष्ट हो जाते है इस व्रत में भगवान विष्णु जी की पूजा की जाती है भगवान विष्णु को महत्व दिया जाता है भगवान श्री कृष्णा के अनुसार कोई भी व्यक्ति इस संसार में बिना पाप किये नहीं रह सकता क्योंकि वह व्यक्ति कही न कही जाने अनजाने में पाप कर बैठ पाते है  तो षटतिला एकादशी का व्रत इन्ही पाप को खत्म करने के लिए रखा जाता है इस व्रत में तिल का प्रयोग अधिक मात्रा में करने से ही इस व्रत का लाभ आपको मिलता है |

shattila ekadashi 2017

shattila ekadashi 2017

षटतिला एकादशी का दिन हिन्दू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण होता है और यह दिन हिंदी पंचांग के अनुसार निर्धारित किया जाता है और प्रतिवर्ष माघ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को पड़ता है 2017 में यह दिन जनवरी माह की 23 तारीख़ को है |

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षटतिला की पूजा विधि

यह व्रत तिलों के ऊपर निर्भर करता है तिलों से ही इस व्रत की पूजा होती है इस व्रत में तिलों का प्रयोग 6 प्रकार से किया जाता है हम आपको इसकी पूजा विधि के बारे में बताएँगे की की तरह से आप करेंगे पूजा इस व्रत में :

  1. तिल स्नान : इस दिन सुबह उठकर तिल के पानी से स्नान करने से ही इस पूजा का लाभ मिलता है अपने पापो से मुक्ति पाने का यह बहुत उत्तम उपाय होता है|
  2. तिल का उबटन : तिल का उबटन लगाकर स्नान करना भी इस पूजा के लिए उत्तम माना गया है तिल को पीसकर उसका उबटन शरीर पर लगाना चाहिए तो यह पूजा संपूर्ण होती है
  3. तिल का हवन : पूजा करते समय तिल का हवन करना चाहिए क्योंकि तिल के हवन से ही इस पूजा को पूरा माना जाता है षटतिला पूजा में तिल का ही महत्व है|
  4. तिल का तर्पण : इस पूजा में भगवान को तिल का तर्पण करना चाहिए तिल के तर्पण करने से भगवान विष्णु  को पूजा की संतुष्टि होती है |
  5. तिल का भोजन : जब आप अपना व्रत तोड़ते है तो व्रत तोड़ने के बाद आपको तिल मिला हुआ भोजन करना चाहिए तभी यह व्रत पूरा माना जाता है |
  6. तिलों का ‍दान : इस एकादशी को ब्राह्मण को किसी बर्तन भरकर तिल का दान करना चाहिए तिलों के दान से ही पूजा की समाप्ति करनी चहिये अगर आप चाहे और किसी को दान करना चाहे तो तिलों का दान करना  शुभ रहेगा |

 

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