Saraswati Vandana – Poem | Kavita

Saraswati Vandana

सरस्वती वंदना : सरस्वती माँ विद्या की देवी है जिनको की ब्रह्माण्ड में विद्या के देवी के रूप में पूजा जाता है इनको शारदा नाम से भी जाना जाता है ये कल्याण की देवी भी है इनको हर साल के बसन्त ऋतू शुरू होते ही पंचमी को पूजा जाता है इस दिन को हम बसंत पंचमी नाम से भी जानते है बसंत पंचमी के दिन ही सरस्वती की आरती और पूजा होती है माँ सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए हम बसंत पंचमी का त्यौहार मानते है तो आज हम आपको बताएँगे ऐसी ही कुछ कविताएं जो आपको सरस्वती वंदना करने के लिए सहयोगी होंगी |

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Maa Saraswati ki Kavita

माँ सरस्वती की कविता के साथ-साथ Saraswati Maa Quotes in Hindi & Quotes on Goddess Saraswati in Hindi आप जानना चाहे तो आप बिलकुल सही जगह है :

सरस्वती माँ शत् प्रणाम, घट में भर दे ऐसा ज्ञान।
करें देश सेवा का काम, पढ़ लिखकर हम पाएँ मान।

हे माँ हमको शक्ति दे, जन सेवा की भक्ति दे।
नेक बनें यह युक्ति दे, जात पाँत से मुक्ति दे।

शिक्षा की सब ज्योति जलाएँ, अनपढ़ को हम गले लगाएँ,
समता का हम साथ निभाएँ, जो सोए हैं उन्हें जगाएँ।

शिक्षा की फूली फुलवारी, दुनिया में हो साख हमारी।
रक्षित होंगे सब नर नारी, दे मैया आशीष तुम्हारी।

यहाँ भी देखे : स्वतंत्रता पर कविता

Saraswati Vandana Kavita in Hindi

अगर आप जानना चाहे तो सरस्वती वंदना कविता इन हिंदी , Saraswati Vandana Poem in Hindi और तो आप हमारे पास से इसकी जानकारी पा सकते है :

जय होवे माँ सरस्वती, विनय करूँ कर जोर
उर का हरिये वेग तम, दीजै सुमति बहोर
दीजै सुमति बहोर माँ ,हम बालक हैं अज्ञान
त्राहि त्राहि जग में करें, दीजै शक्ति महान

माँ आये हैं दर आपके ,हमको यह वरदान दो
मान ध्यान करें आपका,सद्बुद्धि व ज्ञान दो
विनय करूँ हे मात,पूजि कर चरण तिहारे
भजें तुझे दिन रात, शारदे हम दुखियारे
भरो ज्ञान भण्डार, दूर करो अंधियारे

हम आये हैं द्वार, हँसवाहिनी के सारे
तुम देवी संगीत की, हैं हर साज तुमसे माँ
तुम जननी गीत की, हैं सब राज तुमसे माँ
करें मात हम ध्यान ,सदा ही शारद तेरा
हमको भी दो ज्ञान,चरण वंदन है मेरा

Maa Saraswati ki Kavita

Poem on Saraswati Puja in Hindi

पोएम ऑन सरस्वती पूजा इन हिंदी के साथ अगर आप Poem on Saraswati in Sanskrit, Saraswati Poem in English जानना चाहे तो आप हमारे पास इस आर्टिकल को पढ़ सकते है :

हमको ऐसा वर दो हे माँ वीणा वादिनी,
हम रहें करम में निरत,भक्ति में मस्त;
कार्य सिधह्स्त,गाएं जीवन की रागिनी|
हमको ऐसा वर दो हे माँ वीणा वादिनी

तू सरला,सुफला है माँ,माधुर मधु तेरी वाणी,
विद्या का धन हमको भी दो, हे माँ विद्या दायिनि
हमको ऐसा वर दो हे माँ वीणा वादिनी

हे शारदे,हँसासीनी,वागीश वीणा वादिनी,तुम
ग्यांन की भंडार हो,हे विश्व की सँचालिनि
हमको ऐसा वर दो हे माँ वीणा वादिनी

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Saraswati Vandana Kavita

सरस्वती वंदना कविता में पूरी सरस्वती माँ की वंदना जानिए जिसके साथ ये रूप लेती है Saraswati Maa par Kavita बनाने का भी जाने यहाँ :

हे! माँ मुझे आज यह वर दें .
हे! माँ मुझे आज यह वर दें .

प्रेम दया करुणा नैतिकता,
गीतों का आधार बना दे.
इन गीतों की नव आभा से,
बाल विश्व आलोकित कर दे.
वर दे.
हे! माँ मुझे आज यह वर दे.
बच्चों सा यह मन हो निर्मल,
बच्चों सा यह मन हो कोमल.
बच्चों से निश्च्छल इस मन में,
भाव कल्पना के भर दे.
वर दे.
हे! माँ मुझे आज यह वर दे.
बच्चों के ही लिए गीत का,
भाव मेरे मन में आए.
मेरा गीत सदा बच्चों के,
तन मन को ज्योर्ठिमय कर दे.
वर दे.
हे! माँ मुझे आज यह वर दे.
हे! माँ मुझे आज यह वर दे.

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