शायरी (Shayari)

नवजोत सिंह सिधु की शेर व शायरी

Navjot Singh Sidhu Ki Sher Va Shayari : नवजोत सिंह सिधु जी जो की एक क्रिकेटर, सांसद, कमेंट्रेटर, एक्टर, मोटिवेशनल स्पीकर और शायर के रूप में हमारे बीच प्रसिद्ध है उनके द्वारा कई शायरी भी लिखी और कही गयी है | नवजोत सिंह सिधु जी की जितनी भी तारीफ की जाये वह कम है वह एक साथ अपने अंदर इतने हुनर रखते है जितना किसी एक व्यक्ति के पास होना मुश्किल है | वह अपने युवाओ को मोटीवेट भी करते है मोटिवेशनल टिप्स भी देते है इसीलिए हम आपको नवजोत सिंह सिधु जी द्वारा कही गयी कुछ ऐसी ही प्रेरणादायक शायरियो के बारे में बताते है जो की युवाओ के लिए प्रेरणादायक है |

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उत्साह बढ़ाने वाली शायरी

Utsaah Badhaane Wali Shayari : अगर आप सिधु जी की उत्साहवर्धक शायरियां जानना चाहते है तो इसके लिए आप नीचे बताये गयी कुछ शायरियो को पढ़ सकते है और अपने आप को मोटीवेट भी कर सकते है :

लाखों हसीं जहां में है पर मुझे यकीन है,
कि यहां तुमसे मिलता जुलता कोई दूसरा नहीं है,
ये नूर, ये निखार, ये शोखियां, ये बाघपन,
अगर कहीं जन्नत है तो यहीं है।

शेर चला करते हैं,
खुद्दार चला करते हैं,
सिर ऊंचा करके कौम पे,
सनी देओल जैसे सरदार चला करते हैं।

कहते हैं जहां सिर झुक जाये वहीं मंदिर,
जहां हर नदी सम जाये वहीं समंदर है,
जीवन की इस कर्मभूमि में युद्ध बहुत है,
जो हर जंग जीत जाये वही सलमान जैसा सिकंदर है।

गुलाबो की खुशबु दीवारे रोक नहीं सकती,
हवाओ का बहाव मीनारे रोक नहीं सकती,
बुलंद हौसले ही जीवन की हकीकत है,
फौलादो की तकदीर तब्दिरे रोक नहीं सकती.

जीने के लिये तेरा एक अरमान ही काफी,
दिल की कलम से लिखी ये दास्तान ही काफी है,
तीरों-तलवार की तुझे क्या जरुरत है हसीना,
क़त्ल करने के लिये तेरी मुस्कान ही काफी है।

बुलबुलों के पंखो मे बंधे हुए कभी बाज़ नहीं रहते,
बुझदिलो और कायरो के हाथ कभी राज़ नहीं रहते
सर झुकाकर चलने की आदत पड़ जाये जिस इंसान को
उस इंसान के सर पर कभी ताज नहीं रहते.

प्रेम परिचय को पहचान बना देता है
वीराने को गुलिस्तान बना देता है
मै आप बीती कहता हु गैरो कि नही
प्रेम इंसान को भगवान बना देता है।

खुदी से खुद का अंदाज़ा नहीं होता,
बाहर आने से पहले फूल भी ताज़ा नहीं होता,
कोशिशे करते रहो तो जान जाओगे,
मुकद्दर का हमेशा बंद दरवाजा नहीं होता

जोड़ने वाले को मान मिलता है
तोड़ने वाले को अपमान मिलता है,
और जो खुशियाँ बाँट सके उसे सम्मान मिलता है

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नवजोत सिंह सिधु फनी शायरी

Navjot Singh Sidhu Funny Shayari : नवजोत सिंह सिंधु जी ने कॉमेडी नाइट्स विद कपिल के शो में कई ऐसी फनी शायरियां कही है जो उनके फैंस के लिए बहुत ज्यादा फनी होती है :

हर आरजू हमेशा अधूरी नहीं होती,
सच्चे रिश्तों में कभी दूरी नहीं होती,
और जिस दिल में सोनम जैसी महबूबा बस्ती हो,
उसके लिये तो धड़कन भी जरूरी नही होती।

हर दिन के बाद यहाँ रात होती है,
हार जीत मेरे दोस्त साथ साथ होती है,
कोई कितने भी बनाले हवा में महल
मिलता वही है गुरु जो औकाद होती है.

इबादत नहीं सिर्फ माला को घुमा देना,
इबादत है किसी भूखे को रोटी खिला देना,
किसी रोते हुए को हसा देना,
किसी उजड़े हुए को बसा देना.

निकाल दे अपने दिल से हर डर को,
नजारे मिलेंगे नए फिर तेरी नजर को,
दामन भर जाएगा सितारों से तेरा
ये दुनिया देखेगी तब तेरे उभरते हुनर को

आग कहीं भड़काना ना भूल जाये,
बिजली कहीं कड़कना ना भूल जाये,
संभलके रखना ऐ नौजवानों अपना दिल,
बिपासा को देखके कहीं धड़कना ना भूल जाये।

जूनून है आंधियो में भी चिरागों को जला देता है,
वो जूनून है आग पानी में लगा देता है,
ये नयी सुबह का सूरज है,
इसे गौर से देख क्रिकेट वालो को ये अंदाज नया देता है

सोच ऊंची बंदा शहनशाह शाहों का शाह
और सोच नीची
आदमी बिखारी हाथ मे
टूठा थन थन पाल मदन गोपाल

क्या कभी उल्लू को रात में सोता देखा है |
क्या कभी मछलियों को साबुन से नहाते देखा है |
आदते जो लग जाते कहा वो जल्दी बदलती है |
क्या कभी कुत्ते की दूम को सीधी होते देखा है |

आप आये जैसे बहार आ गई,
सावन की रिमझिम जैसे फुन्हार आ गई,
मेरी बात पर अगर हंस दिए हुस्न-ए-आला
मानो हंसो की एक कतार आ गई।

उत्साह बढ़ाने वाली शायरी

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दिल चीर देने वाली शायरी

Dil Cheer Dene Wali Shayari : सिधु जी ने कई ऐसी दिल चीर देने वाली रोमांटिक शायरियां भी कही गयी है जिससे की आप अपने पार्टनर को सुना कर उन्हें इम्प्रेस कर सकते हो य फिर अपने गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड को फेसबुक, व्हाट्सप्प या इंस्टाग्राम पर भी भेज सकते है :

Kadam Yun hi Dagmaga gaye Raaste mein,
Varna Sambhalna Hum Bhi Jaante The,
Thokar Bhi lagi toh Uss Pathar se,
Jise Hum Apna Maante The

Jhukte hain parvat kahin Kahin
rukhte hain dariyaa bhi kahin Kahin
bass rukhti nahin ravaniyaan
aur jhukti nahin jawaniyaan

Insaan ke azm aur himmat ka
jab door kinara hota hai,
Toofan mein doobi kashti ka
bharmaan sahara hota hai

Haadso ke Shehar Mein Haadso Se Darta Hai
Mitti Ka Khilona Hai Fanaa Hone Se Darta Hai
Mere Dil ke Kone Mein Masoom Sa Bachaa Bado Ki Dekh Ke
Ye Duniya Bada Hone Se Darta Hai

Andhera Bahut Ab Suraj Nikalna Chahiye
Jaise Bhi Ho Ye Mausam Badalna Chahiye
Aur Jo Chehre Roz Badalte hai Naqabo Ki Tarah
Ab Janaza Dhoom Se Unka Nikalna Chahiye

Paani Ki Boond kahi Tikti Naahin
Imandari Guru Mujhe kahin dikhti naahin
Kharidaron ki Mandi Mein Khada hai
Siddhu Jitni Marzi Boli Laga,
Kuch Cheezein Aisi jo Bikti Naahin

Angoor Pighalta hai toh Shraab ho Jaati Hai
Chingari Bhadakti hai to Aaftab Ho Jaati Hai
Jab Sunta Hu Zamane mein Naam Mika ka
Toh Siddhu Ki chaati Fool k Punjab Ho Jaati Hai

Jeene ke liye tera ek armaan hi kafi hai,
Dil ki kalam se likhi yeh dastan hi kafi hai,
Teero talwar ki tujhe kya jarurat hai haseena,
Katl karne ke liye teri muskan hi kafi hai.

Kadam Yun hi Dagmaga gaye Raaste mein,
Varna Sambhalna Hum Bhi Jaante The,
Thokar Bhi lagi toh Uss Pathar se,
Jise Hum Apna Maante The.

Haadso ke Shehar Mein Haadso Se Darta Hai
Mitti Ka Khilona Hai Fanaa Hone Se Darta Hai
Mere Dil ke Kone Mein Masoom Sa Bachaa Bado Ko Dekh Ke
Ye Duniya Bada Hone Se Darta Hai

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