Islamic Shayari

Islamic Shayari

इस्लामिक शायरी : इस्लाम धर्म एक अलग धर्म है जिसमे की मुस्लिम समुदाय के लोग आते है इस्लाम धर्म में भी कई प्रकार के शायरों द्वारा اسلامی سے شاعری (इस्लामिक शायरी) की गयी है जिनकी जानकारी हम आपको अपनी पोस्ट पर देते है इस्लामिक धर्म की भाषा उर्दू है जिसमे उर्दू के ज्ञानियो द्वारा कई शायरियो के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति दिखाई जाती है वैसे तो कई शायरियां दिल छूने वाली शायरी, दो लाइन के शेर, वैलेंटाइन डे पर शायरी और पंजाबी शायरी भी फरमायी गयी है जिनमे से कुछ शायरियां आपको बताएँगे |

यह भी देखे : वैलेंटाइन डे पर शायरी

Islamic Sher O Shayari

इस्लामिक शेरो शायरी जिनके माध्यम से इस्लाम धर्म की सभी शायरिया आपको उपलब्ध है जिन्हें आप भेज सकते है अपने दोस्तों, बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड्स को :

सच की हालत किसी तवायफ सी है,
तलबगार बहुत हैं तरफदार कोई नही.,.,!!

इलाज ए इश्क पुछा जो मैने हकीम से
धीरे से सर्द लहजे मे वो बोला
जहर पिया करो सुबह दोपहर शाम,.,!!!

दुनिया में सब चीज़ मिल जाती है,,,
केवल अपनी ग़लती नहीं मिलती…!!

जो अंधेरे की तरह डसते रहे ,अब उजाले की कसम खाने लगे
चंद मुर्दे बैठकर श्मशान में ,ज़िंदगी का अर्थ समझाने लगे,..,!!

यह भी देखे : किस डे पर शायरी

Allah Shayari in Hindi

अल्लाह शायरी इन हिंदी के माध्यम से आप पा सकते है बेहतरीन शायरिया और इसके अलावा आप islamic shayari maut पर भी शायरिया बना सकते है और भेज सकते है अपने दोस्तों को :

लिख रहा हूँ अंजाम जिसका कल आगाज़ आएगा;
मेरे लहू का हर एक क़तरा इंक़लाब लाएगा;
मैं रहूँ या ना रहूँ पर ये वादा है तुमसे मेरा कि;
मेरे बाद वतन पे मरने वालों का सैलाब आएगा।

करने का नहीं कद्र कोई इससे जियादा,
रखता हूँ कलेजे में तेरे तीरे-नजर को।

पडेगा हम सभी को अब खुले मैदान मे आना,.,
घरों मे बात करने से ये मसले हल नही होंगे,.,!!!

Islamic Sher O Shayari

Islamic Shayari by Allama Iqbal in Urdu

इस्लामिक शायरी बाय अल्लामा इक़बाल इन उर्दू यानि अल्लम जी की शायरिया वो भी उर्दू फॉण्ट में आज ही पाए इसके अलावा आपको islamic shayari on muhammad saw पर भी शायरिया मिलती है :

لب پہ آتی ہے دُعا بن کے تمنا میری
زندگی شمع کی صورت ہو خدایا میری

بنا کر فقیروں کا ہم بھیس غالبؔ
تماشائے اہلِ کرم دیکھتے ہیں

قتل حسین اصل میں مرگِ یزید ہے
اسلام زندہ ہوتا ہے ہر کربلا کے بعد

نازکی اس کے لب کی کیا کہیے
پنکھڑی اک گلاب کی سی ہے

خودی کا سر نہاں لا الہ الا اللہ
خودی ہے تیغ فساں لا الہ الا اللہ

دامن پہ کوئی چھینٹ نہ خنجر پہ کوئی داغ
تم قتل کرو ہو کہ کرامات کرو ہو

यह भी देखे : हग डे पर शायरी

Islamic Shayri 2 Line

इस्लामिक शायरी 2 लाइन जिसमे की आपको मिलती है मात्रा दो लाइन में शायरिया जिन्हें आप अपनी फेसबुक पर भी अपडेट कर सकते है islamic shayari facebook पर और पा सकते है बेहतरीन और भी शायरिया :

दिल में अब यूँ तेरे भूले हुये ग़म आते हैं;
जैसे बिछड़े हुये काबे में सनम आते हैं

अपनी ज़िन्दगी का अलग उसूल है;
प्यार की खातिर तो काँटे भी कबूल हैं;
हँस के चल दूँ काँच के टुकड़ों पर;
अगर तू कह दे ये मेरे बिछाये हुए फूल हैं

तुझ से अब और मोहब्बत नहीं की जा सकती;
ख़ुद को इतनी भी अज़िय्यत नहीं दी जा सकती

जानते हैं कि यक़ीं टूट रहा है दिल पर;
फिर भी अब तर्क ये वहशत नहीं की जा सकती

 

 

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*