हिन्दी कविता बच्चों के लिए – बाल कविताएँ – Hindi Poem For Children

Hindi Poem For Children

Hindi Kavita baccho Ke Liye – Bal Kavitaye – हिंदी पोएम फॉर चिल्ड्रन : बचपन से हमें हमारे स्कूल में कई तरह की पोयम्स याद करवाई जाती है जो पोयम्स हमारे एक्साम्स में आती है और वह पोएम कई तरह की होती है व हर किसी चीज़ के ऊपर वह कविताएं लिखी जाती है | जिसके लिए हमारे कुछ महान कवियों ने कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 व 12 के छात्रों के लिए बाल कविताएं लिखी है जो की छोटे बच्चे को मोटीवेट करती है व बहुत कुछ सिखाती है | इसीलिए अगर आप बच्चो के ऊपर कुछ महान तथा अच्छी कविताएं जानना चाहते है तो इसके लिए हम आपको जानकारी बताते है जिसकी मदद से आप बाल कविताओं को पढ़ कर उन्हें शेयर भी कर सकते है |

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बच्चों की हिन्दी कविताएँ – Hindi Poem For Kid Download

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माली आज लगा दे झूला,
झूले पर हम झूला झूलें।
इस पर चढ़कर, ऊपर बढ़कर,
आसमान को हम छू लें।
झूला झूल रही है डाली,
झूल रही है पत्ती-पत्ती।
इस झूले पर बड़ा मजा है,
बहुत आधिक है मस्ती।
झूला झूल रही है गुड़िया,
झूला झूले रस की पुड़िया।
झूला जुले सारा उपवन,
झूला झूले नील गगन।

प्यारी-सी चिड़िया
सूरज उगने के संग ही,
आसमां में खो जाती है,
प्यारी-सी आवाज सुनाकर,
खुश बहुत वो करती है ,
प्यारी-सी चिड़िया मेरी,
मन को बहुत लुभाती है।
नन्हें-नन्हें पंखों से,
जब आँगन में आती है,
धीरे-से दाना लेकर,
जल्दी से उड़ जाती है,
प्यारी-सी चिड़िया मेरी,
मन को बहुत लुभाती है।
किसी पेड़ पर जब अपना,
नीङ वो बनती है,
सारा जहां घूमकर,
वापिस घर फिर जाती है,
प्यारी-सी चिड़िया मेरी,
मन को बहुत लुभाती है।
प्यारी-सी चिड़िया मेरी,
मन को बहूत लुभाती है। … शिवानी इन्द्रा तिवारी

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हिन्दी हास्य बाल कविताएँ

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कहे कबूतर गुटरूगूं-गुटरूगूं भाई गुटरूगूं
बोलूं या चुप हो जाऊं,
रूकूं यहां या उड़ जाऊं,
दाने बिन बिन कर खाऊं,
दुपहर है क्या सुस्ताऊं ?
कहो कहां पर छिप जाऊं,
नहीं यहां पर फिर आऊं?
बार-बार तुम से पूछूं,
जो भी कह दो वही करूं,
गुटरूगूं भाई गूटरूगूं।
लेकिन इतना मुझे पता,
देता हूं मैं अभी बता,
जिस दिन चला गया उड़कर
देखा फिर ना इधर मुड़कर।
तुम पीछे पछताओगे,
बस मन में दुहराओगे,
अब मैं कैसे, कहां सुनूं,
गुटरूगूं भाई गुटरूगूं।

पापा जी का डंडा गोल,
मम्मी जी की रोटी गोल,
नानी जी की ऐनक गोल,
नाना जी का पैसा गोल,
बच्चे कहते लड्डू गोल,
मैडम कहतीं दुनिया गोल।

हिन्दी कविता बच्चों के लिए

Bal Kavita Mahadevi Verma – Bal Kavita In Hindi Video – Bal Kavita Desh Prem

जाके कह दो उन रातों से,
हम सुबह देखकर जाएंगे,
जो कभी मिला है ना हमको, वो मंजर भी हम लाएंगे!!
माना गर्दिश में हैं तारे,
हालात भी हैं बिगड़े सारे,
जाके कह दो उस तूफां से, साहिल पर कश्ती लाएँगे,
जाके कह दो उन रातों से,
हम सुबह देखकर जाएंगे
जो बढ़ा कदम पाने को फलक,
तो परिंदों सा न घबराएंगे,
वो बाज हैं हम जो बारिश में भी,
अम्बर छूकर के आएंगे!!
तस्वीर है धुंधली किस्मत की,
माना ये वक्त भी रूठा है,
मेहनत की स्याही से हम,
किस्मत की लकीर बनायेंगे!!
जो काटी हैं रातें हमने,
अश्कों में सपने देखे हैं,
कह दो अपनी उन आँख से,
हकीकत भी तुझे दीखाएंगे,
जब तक ना बूंदें निकलेंगी,
हम पत्थर से टकराएंगे,
जाके कह दो उन रातों से,
हम सुबह देखकर जाएंगे,
जाके कह दो उन रातों से,
हम सुबह देखकर जाएंगे……

हिन्दी बाल कविताएँ – Hindi Kavita 4 Lines

चंदा मामा बहुत सताते
कभी दिखते कभी बादलों में छुप जाते
अब और मुझे तड़पाओ ना
तुम जल्दी आ जाओ ना
आज छुट्टी का दिन है,
तुम दिन में ही आ जाओ ना
मैं भी किसी को नहीं बताऊँ
तुम भी किसी को मत बताओ ना
तुम जल्दी आ जाओ ना
शाम हो गई इंतजार करते करते
आँखे तरस गए है तेरे दीदार को
अब और इंतज़ार करवाओ ना
तुम जल्दी आ जाओ ना – विकास कुमार गिरि

रंग-बिरंगी तितली आई।
चंचल नैनों वाली तितली
चमचम तारों जैसी छाई।
काश हम भी तितली होते,
हमारे भी रंग-बिरंगे पंख होते।
हम भी आसमान पर छा जाते,
हम भी फूलों पर मंडराते।
तितली आई, तितली आई,
रंग-बिरंगी ति‍तली आई।

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Hindi Poem For Nursery Kid 5th Class, 4th Class, 8th Class

हम तो बन्दर की शादी में जाएगें
खूब मस्ती करेगें, धूम मचायेंगे।
कुत्ता भैया आएगा, सीक कबाब लाएगा,
प्यार से वो बोलेगा, भौ…..भौ….भौ….।
हम तो बंदर की शादी में जाएगें,
खूब मस्ती करेगें, धूम मचायेंगे।
बिल्ली मौसी आएगी, रसमलाई लाएगी,
प्यार से वो बोलेगी, म्याऊँ…म्याऊँ…म्याऊँ।
हम तो बंदर की शादी में जाएगें,
खूब मस्ती करेगें, धूम मचायेंगे।
चिड़िया रानी आएगी, दाल का दाना लाएगी,
प्यार से वो बोलेगी, ची…ची…..चीकृ।
हम तो बंदर की शादी में जाएगें,
खूब मस्ती करेगें, धूम मचायेंगे।
शेर दादा आएगा, मास का टुकड़ा लाएगा,
प्यार से वो बोलेगा, गुर्र….गुर्र…गुर्र।

एक, दो, तीन, चार
आओ चलें कुतुब मीनार।
पांच, छः, सात, आठ
देखें चल के राजघाट।
नौ, दस, ग्यारह, बारा
चलें चांदनी चौक फव्वारा।
तेरा, चौदा, पन्द्रा, सोला
कनाट प्लेस में मुर्गा बोला।

बाल कविताएँ

बाल कविता हिन्दी में PDF – Hindi Poem For Class 1 Kid

सदा झूमता जाता हाथी।
पर्वत जैसी काया इसकी,
भारी भोजन खाता हाथी।
सूंड से भोजन सूंड से पानी,
भर-भर सूंड नहाता हाथी।
छोटी आंखें कान सूप से,
दांत बड़े दिखलाता हाथी।
राजा रानी शान समझते,
बैठा पीठ घुमाता हाथी।
अपनी पर जो आ जाए तो,
सबको नाच नचाता हाथी।

फूलों से तुम हँसना सीखो,
भंवरों से नित गाना।
वृक्षों की डाली से सीखो,
फल आए झुक जाना।
सूरज की किरणों से सीखो,
जगना और जगाना।
लता और पेड़ो से सीखो,
सबको गले लगाना।
दूध और पानी से सीखो,
मिल जुलकर सबसे रहना।
अपनी प्रिय पृथ्वी से सीखो,
>हँस हँस सब कुछ सहना।

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Hindi Poems For Childrens In Hindi Language

दौड़ी-दौड़ी, आई पकौड़ी।
छुन-छुन, छुन-छुन, तेल में नाची,
प्लेट में आ, शरमाई पकौड़ी।
दौड़ी-दौड़ी, आई पकौड़ी।
हाथ से उछली, मुंह में मचली,
पेट में जा, घबराई पकौड़ी।
दौड़ी-दौड़ी, आई पकौड़ी।
मेरे मन को, भाई पकौड़ी।

नया साल आया
स्वागत में मौसम ने
नया गीत गाया
डाल-डाल झुकी हुई
महक उठे फूल-फूल
पवन संग पत्ते भी
देखो रहे झूल झूल
ईर्ष्या को त्याग दें
सबको अनुराग दें
सुख-दुख में साथ रहें
हाथों में हाथ में दें
आओ नए साल में
गीत नया गाएं
दया प्रेम करुणा को
जी भर अपनाएं ।।

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