हास्य कविता सुरेन्द्र शर्मा – Hasya Kavi Surendra Sharma Ki Kavitayen – Poems Of Comedian Surendra Sharma

Hasya Kavi Surendra Sharma Ki Kavitayen

Hasya Kavita Surendra Sharma – हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा की कवितायेँ : सुरेंद्र शर्मा जी हमारे देश के एक महान हास्य कवि है जो की हरियाणा राज्य के महेन्दरगढ़ जिले के नांगल चौधरी ग्राम के निवासी है उन्होंने कई हास्य शो किये है जो की हमारे लिए काफी हास्य होते है | वह एक महान कवि है जिन्होंने कई सारी हंसने वाली कविताएं भी लिखी है इसीलिए हम आपको सुरेंद्र शर्मा जी के द्वारा लिखी गयी कुछ कविताएं बताएँगे जिन्हे पढ़ कर आप हंस-2 के लोटपोट हो सकते है तथा अगर आप उन्हें अपने दोस्तों को फेसबुक, व्हाट्सएप्प पर शेयर कर सकते है |

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Surendra Sharma Char Laina Lyrics

सुरेंद्र शर्मा चार लाइना लिरिक्स : अगर मशहूर शायर सुरेंद्र शर्मा जी की चार लाइना कविता को जानना चाहे या फिर हास्य कवि सुरेन्द्र शर्मा mp3 हास्य कवि सम्मेलन डाउनलोड sharma ji comedy के बारे में जानना चाहे तो यहाँ से जान सकते है :

‘पत्नी जी!
मेरो इरादो बिल्कुल ही नेक है
तू सैकड़ा में एक है।’
वा बोली-
‘बेवकूफ मन्ना बणाओ
बाकी निन्याणबैं कूण-सी हैं
या बताओ।’

सुरेंद्र शर्मा कवि सम्मेलन – Famous Hasya Kavita In Hindi

राम बनने की प्रेरणा
‘पत्नी जी!
मैं छोरा नैं राम बनने की प्रेरणा दे रियो ऊँ
कैसो अच्छो काम कर रियो ऊँ!’
वा बोली-‘मैं जाणूँ हूँ थैं छोरा नैं
राम क्यूँ बणाणा चाहो हो
अइयां दसरथ बणकै तीन घरआली लाणा चाहो हो!’

एक दिन म्हारी घराड़ी बोल्ली –
ऐ जी, पड़ोसी की चौथी घराड़ी मरगी
ते शमशान घाट हो आओ
मैं बोल्यो – मैं को नी जाऊं
मैं ओके घरा तीन बार हो आयो
वो एक बार भी नहीं आयो…

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Best Of Surendra Sharma – Hindi Hasya Kavi Sammelan

कोई फर्क नहीं पड़ता
कोई फर्क नहीं पड़ता
इस देश में राजा रावण हो या राम,
जनता तो बेचारी सीता है
रावण राजा हुआ
तो वनवास से चोरी चली जाएगी
और राम राजा हुआ
तो अग्नि परीक्षा के बाद
फिर वनवास में भेज दी जाएगी।
कोई फर्क नहीं पड़ता
इस देश में राजा कौरव हो या पांडव,
जनता तो बेचारी द्रौपदी है
कौरव राजा हुए
तो चीर हरण के काम आएगी
और पांडव राजा हुए
तो जुए में हार दी जाएगी।
कोई फर्क नहीं पड़ता
इस देश में राजा हिन्दू हो या मुसमान,
जनता तो बेचारी लाश है,
हिन्दू राजा हुआ
तो जला दी जाएगी
और मुसलमान राजा हुआ
तो दफना दी जाएगी।

हास्य कविता सुरेन्द्र शर्मा

Surendra Sharma Kavi Sammelan 2017 – हास्य कविता हिंदी में

एक दिन म्हारी घराड़ी बोल्ली –
ऐ जी, पड़ोसी की चौथी घराड़ी मरगी
ते शमशान घाट हो आओ
मैं बोल्यो – मैं को तो नी जाऊं
मैं ओके घरा तीन बार हो आयो
वो एक बार भी नहीं आयो…

पत्नी जी!
जै मैं ऊ युग में
महाराणा परताप होत्तो
तो के होत्तो?
वा बोल्ली –
महाराणा परताप को घोड़ो चेत्तक
खुद मरने की जगा
थारा ही पराण ले लेत्तो!

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Hasya Kavita In Hindi By Surendra Sharma MP3

मैं जब शेर का शिकार कर घर पहुंचो
तो पत्नी से कही –
देख, शेर की खाल लाया हूं
पर आज तो गजब ही हो जातो
एक मौको एेसो आयो थो
कि शेर मने ही खा जातो
घराड़ी बोली –
ऐसो हो जातो तो मैं तो बरबाद ही हो जाती
थारी तो खाल भी काम नहीं आती।

सुरेंद्र शर्मा Ji नें अपनी पत्नी से कहा, ” संत महात्मा कह गये हैं……
ढोल, गंवार, शुद्र, पशु और नारी ये सब ताड़न के अधिकारी.
इन सभी को पीटना चाहिये!! “
इसका अर्थ समझती हो या समझायें?
पत्नी बोली
“हे स्वामी इसका मतलब तो बिलकुल साफ है
इसमें एक जगह मैं हूँ और चार जगह आप हैं.

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