Eid ul Fitar 2020: ईद एक पवित्र उत्सव है जब मुस्लिम एक साथ आते हैं और एक-दूसरे को दान, दया, सद्भाव और भाईचारे के वादे के साथ गले मिलते हैं। यह त्यौहार खुश रहने के लिए नहीं बल्कि दूसरों को खुश करने और उनकी इच्छाओं का पोषण करने के बारे में है। दुनिया भर के इस्लाम समुदाय अल्लाह के प्रति अपनी कृतज्ञता दिखाते हैं, जो कुछ भी उनके पास है। दो प्रकार के ईद हैं जो पूरे विश्व में बड़े उत्साह और मस्ती के साथ मनाए जाते हैं। पहला ईद-उल-फितर है और दूसरा ईद-उल-अजहा है। ईद-उल-फ़ित्र रमज़ान (रमजान) के अंत का प्रतीक है जब मुसलमान उपवास तोड़ते हैं, जबकि ईद-उल-अज़हा हाजी तीर्थयात्रा के अंत का सम्मान करता है। दोनों को दुनिया भर में मुसलमानों द्वारा मनाया जाता है।

ईद मुबारक पर कविता

वो बच्चों की आंखों में सपने सुनहरे।
हसीनों के हाथों पें मेंहदी के पहरे।
सजीली दुकानों में रंगों के लहरे।
वो ख़ुश्बू की लडियां उजालों के सहरे।।
उमंगें भरी चाँद रातें सुहानी।
बहोत याद आती हैं ईदें पुरानी।।

वो राहों में ख़ुश-पोशयारों के हल्ले।
वो किरनों से मामूर गलियाँ मुहल्ले।
झरुकों में रंगीं दुपटटों के पल्ले।
वो मांगों में अफ़शांवो हाथों में छल्ले।।
वो अपनी सी तहज़ीब की तरजुमानी।
बहोत याद आती हैं ईदें पुरानी।।

वो कुल्फ़ी के टुकड़े वो शरबत के गोले।
चहकते से बच्चे बड़े भोले भोले।
वो झूलों पे कमसिन हसीनों के टोले।
फ़ज़ा में ग़ुबारों के उड़ते बगूले।
बसंती गुलाबी हरे आसमानी।
बहोत याद आती हैं ईदें पुरानी।।

वो रौनक, वो मस्तीभरी चहल पहलें।
वो ख़्वाहिश कि आओ मुहल्लों में टहलें।
इधर चल के बैठें,उधर जा के बहलें।
कुछ आंखों से सुनलें कुछ आंखों से कहलें
करें जा के यारों में अफ़साना-ख़्वानी।
बहोत याद आती हैं ईदें पुरानी।।

झलकती वो चेहरों पे बरकत घरों की।
निगाहों में शफ़क़त बड़ी-बूढियों की।
अदाओं में मासूमियत कमसिनों की।
वो बातों में अपनाईयत दोस्तों की।।
मुरव्वत,करम,मुख़लिसी,मेहरबानी।
बहोत याद आती हैं ईदें पुरानी।।

मगर कहाँ ” साज़ “वो दौरे-राहत।
लबों पे हंसी है न चेहरों पे रंगत।
न जेबों में गर्मी न दिल में हरारत।
न हाथों के मिलने मेंअगली सी चाहत।
हक़ीक़त था वो दौर या इक कहानी।
बहोत याद आती हैं ईदें पुरानी।।

अब्दुल अहद साज़

Eid mubarak kavita in hindi

ईद मुबारक / केदारनाथ अग्रवाल

हमको,
तुमको,
एक-दूसरे की बाहों में
बँध जाने की
ईद मुबारक।

बँधे-बँधे,
रह एक वृंत पर,
खोल-खोल कर प्रिय पंखुरियाँ
कमल-कमल-सा
खिल जाने की,
रूप-रंग से मुसकाने की
हमको,
तुमको
ईद मुबारक।

और
जगत के
इस जीवन के
खारे पानी के सागर में
खिले कमल की नाव चलाने,
हँसी-खुशी से
तर जाने की,
हमको,
तुमको
ईद मुबारक।

और
समर के
उन शूरों को
अनुबुझ ज्वाला की आशीषें,
बाहर बिजली की आशीषें
और हमारे दिल से निकली-
सूरज, चाँद,
सितारों वाली
हमदर्दी की प्यारी प्यारी
ईद मुबारक।

हमको,
तुमको
सब को अपनी
मीठी-मीठी
ईद-मुबारक।

Poems on Eid ul Fitr in English

Eid Mubarak kavita in Hindi

Tum Eid Manao Saj Dhaj Ke..,
Me Jese Hon Wesa Hee Sahi,
Jiss Haal Main Hon Main Jesa Hon,
Na Poch Sanam Ab Kesa Hon,
Tum Dill Ka Lagana Kia Jano,
Tum Ashk Bahana Kia Jano,
Tum Nazuk Phool Ho Gullshan Ke..,
Tum Aag Mein Jalna Kia Jano..,
Ye Umar He Tere Hansne Ki,,
Nahein Ishq Mein Aahein Bharne Ki,,
Meri Qismat Mein Hy Dard Sanam..
Sab Seh Longa Taqdir Ke Gham,,
Majbor Milay Jo Ulfat Main…
Sar Aankhon Par Ye Saary Sitam,,
Jab RUB Ko Hy Manzor Yahi,,
Tou BISMILLAH Aesa Hee Sahi..
Tm eid manao saj Dhaj k..,
Me Jese Hon Wese Hee Sahi…

Ends the early wake-up,
End the fasting days,
Ends “ramazan“,
Ends another virtuous phase.
The month ends,
A full moon shines amidst,
All setup to embrace,
The joyous festival of eid.
Salutations to Allah,
Prayers echo in mosques,
A new day rises,
As ends the month of fast.
Scent of brotherhood,
Processes the air,
Happiness all over,
Oneness everywhere.
Various delicacies offered,
Several guests entertained,
Several emotions aroused,
Several gifts exchanged.
“Eidi” to loved ones,
“zakat” to charity,
Humanity sprinkles,
This eve of eternity.
Enjoy this day,
Wish you good luck,
Wish you prosperity,
Wish thou “Eid Mubarak”.
– by Kedar K..!

30 days of Fast, will continue as long as we last
Its ”RAMADAN KAREEM”,The Best among the whole months team
Fasting is every Muslim’s duty,It enhances soul’s beauty
If you’re sick,you’re travelling,It’s not necessary that you must be fasting
Gifts we got in Ramadan,are,The Quraan and my Pakistan
My we all get united,before its EID
May it be spent in peace,Remember me in your Prayers please!
May we all shine like a sun,Ramadan Kareem to everyone!

ईद मुबारक उर्दू कविता

Chiragh Dil Ke Jalao Ke EID Ka Din Hai
Taraney Jhoom Ke Gao Ke EID Ka Din Hai
Ghamon Ko Dil Se Bhulao Ke EID Ka Din Hai
Khushi Se Bazm Sajao Ke EID Ka Din Hai
Hazoor Us Ke Karo Ab Salamti Ki Dua
Sar-E-Namaz Jhukao Ke EID Ka Din Hai
Sab Hi Murad Ho Puri Har Ik Sawali Ki
Dua Ko Hath Se Uthao Ke EID Ka Din Hai

Tehwaar To Naam Hai Khushiyon Ka
Lekin Meri Har Eid Par
Mere Dardon Ka Raqs Hota Hai
Mere Aansu Muskuratey Hain
Meri Khushiyan Sisakti Rehti Hain
Mere Armaan Dam Toorte Hain
Mere Aanhein Hansti Rehti Hain
Mein Hota Hun Aur Tanhai
Saath Aansu, Armaan, Aahein Meri
Inhein Khiloon Se
Eid Ke Rooz Behalta Hun…..!

Eid Mubarak Poem in Hindi Font

ख़ुशी के फूल खिलेंगे हर इक घर में तो ईद समझूँगा
धनक के रंग बिखरेंगे हर इक घर में तो ईद समझूँगा
बुलबुलें गाती नहीं हैं अभी कोयल कूकने से डरती है
जब सर से उतरेगा ये ख़ौफ़े-अलम तो ईद समझूँगा
भूख की आँखों में रोटियों का सपना अभी अधूरा है
जब चूल्हा जलेगा हर इक घर में तो ईद समझूँगा
हामिद की निगाह अब भी चिमटे पे जमी रहती है
कि वो भी ख़रीदेगा जब खिलौने तो ईद समझूँगा
ख़ुदा क़फ़स में उदास बैठा है शैतान खिलखिलाते हैं
जो निज़ाम कायनात का बदलेगा तो ईद समझूँगा
भूल कर नफ़रत-अदावत रंज़ो-ग़म शिकवे-गिले
सब भेजेंगे जब सबको सलाम तो ईद समझूँगा

अकबर रिज़वी

ईद मुबारक हिन्दी कविता

आज हम आपके सामने पेश कर रहे हैं eid mubarak kavita, Eid Mubarak Poem in Urdu, ईद मुबारक कविता मराठी, in Englishईद मुबारक हिंदी कविता, ईद मुबारक कविता कोश Hindi Poems On Eid Mubarak,  Eid Mubarak Poetry, ईद मुबारक हिंदी, ईद मुबारकबाद, मुबारक शायरी, ईद पर छोटी कविता,, ईद 2020 शायरी, मीठी ईद कविता शायरी ईद की, ईद पर गजलईद मुबारक पर हिन्दी कविताएँ शायरी, एसएमएस, साहरी, स्टेटस, एसएमएस हिंदी फॉण्ट, हिंदी और उर्दू शायरी आदि जिन्हे आप फेसबुक, व्हाट्सप्प पर अपने दोस्त व परिवार के लोगो के साथ साझा कर सकते हैं|

Suna Hai Chaand Nikle Ga
Suna Hai EID Bhi Hogi
Humein To Aasman Par Door Tak
Kuch Bhi Nahi Dikhta
Kahan Wo Chaand Nikle Ga
K Jis K Waasty Hum Ne
Kabhi Palkain Nahi Jhapki
Wo Jis Ka Rasta Takte
Hai Guzri Zindagi Apni
Nahi Kuch Bhi Khabar K Wo
NIkle Ga To Kab Akhir
Humari Muntazir Ankhon Ko
Us Ki Deed Kab Hogi
Abhi Pucho Nahi Hum Se
Humari EID Kb Hogi….

Aey Hum Nasheen Behshat Beh Damaan Hai Shaam-e-EID
Aa Hum Bhi Dil Ke Daagh Jalaye B’naam EID
Palkon Pe Aansuon Ke Sitaaray Saja Liye,
Is Dhaj Se Hasratoon Ne Kia Ehtamaam-e-EID…

ईद मुबारक कविता | Eid Mubarak Poem in Hindi
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top