आज की दुनिया आधुनिक दुनिया है, हर किसी के पास अपना स्मार्टफोन है। हम सभी के पास अपने स्मार्टफ़ोन पर GPS और Google maps हैं, लेकिन smartphone की वजह से वास्तव में हम कागज़ के नक़्शे व दिशानिर्देश पढ़ने में असमर्थ रहते हैं जिससे हम जान सकें कि हम किस दिशा में हैं। ऐसी स्थिति की कल्पना करें जिसमें एक आधुनिक व्यक्ति को phone या compass का उपयोग किए बिना स्थान बताना हो। उसके लिए सटीक स्थान बताना बहुत कठिन होगा। सही स्थान ढूंढना बहुत आवश्यक है क्योंकि कभी-कभी हम ऐसी कठिन परिस्थिति में होते हैं जहाँ हमें स्थान जानना आवश्यक होता है। आज हम आपको दिशा ज्ञान इन हिंदी यानी की दिशा पता करने का तरीका बताने जा रहे हैं। आप इस लेख में दिए गए तरीकों का उपयोग करके दुनिया भर में कहीं भी अपनी दिशा जान सकते हैं।

दिशा कैसे जाने

क्या आप कभी ऐसी जगह गए हैं जहां पर आप को सही दिशा ढूंढने हो और आपको ना ढूंढ पा रहे हैं? ऐसा बहुत बार होता है कि हम किसी अनजान जगह जाते हैं जहां कोई नहीं होता हमें सही दिशा बताने के लिए और आपके पास दिशा सूचक यंत्र भी नहीं हो तो आप क्या करेंगे? घबराइए नहीं हम आपको बताएंगे बिना दिशा सूचक यंत्र के सही दिशा कैसे पता लगाएं। इसके लिए आपको बस सूर्य दिखाई देना आवश्यक है। इसके अलावा हम आपको दिशा सूचक चिन्ह व अन्य तरीकों से भी दिशा कैसे जाने बताएंगे। अक्सर कई लोग यह भी जानना चाहते हैं कि घर के लिए सही दिशा कौन सी चुने वह कौन सी दिशा आपके घर के लिए शुभ रहेगी? ऐसे में सही दिशा जानना काफी आवश्यक हो जाता है, तो आइए इस पोस्ट में हम आपको एक सामान्य ज्ञान प्रदान करेंगे जिससे आप सही दिशा कैसे जाने, व सही दिशा जानने का तरीका जान पाएंगे।

दिशा क्या होता है?

दिशा जानने के तरीके से पहले हम आपको बताएंगे की दिशा क्या होती है व इसके महत्व। दिशा को हम लोग Direction भी कहते हैं। हम नक्शा (map) या दिशा सूचक चिन्ह की मदद से सही दिशा जान सकते हैं। दिशा मुख्य रूप से चार प्रकार की होती है: उत्तर-दक्षिण, पूरब-पश्चिम साथ ही ऊपर नीचे व आगे पीछे भी दिशा के ही भाग हैं। दिशाओं की जानकारी हम चित्र के द्वारा भी जान सकते हैं जैसे कि उत्तर और दक्षिण की बीच की दिशा को उत्तर दक्षिण कहेंगे। इसी तरह अन्य दिशाओं को भी उन्हीं के अनुसार जाना जाएगा।

दिशा कैसे जाने

दिशा सूचक यंत्र से दिशा की जानकारी कैसे करते हैं

सबसे पहले हम दिशा सूचक चिन्ह की मदद से दिशा की जानकारी कैसे प्राप्त करें जानते हैं । कंपास अथवा दिशा सूचक चिन्ह सबसे अच्छा तरीका है दिशा जानने का। कंपास एक इलेक्ट्रॉनिक युक्ति से बना यंत्र होता है जो कि खासतौर पर दिशा पता करने के लिए ही बनाया है। कंपास अथवा दिशा सूचक चिन्ह बाजार में आसानी से मिल सकता है। परंतु आजकल हमारी जीवनशैली में स्मार्टफोन आने की वजह से आपको कंपास खरीदने की आवश्यकता ही नहीं होगी क्योंकि आप चाहें तो अपने एंड्राइड या आईफोन पर कंपास की मोबाइल फोन ऐप डाउनलोड कर इसे उपयोग कर सकते हैं।

दिशा सूचक यंत्र की ऐप मैग्नेटिक सेंसर पर काम करती है जो कि आजकल ज्यादातर एंड्रॉयड फोन में मिल जाती है। ऐसे में आप भी अपने एंड्रॉयड फोन की मदद से दिशा सूचक चिन्ह डाउनलोड कर सकते हैं जिससे आपको आसानी से दिशा का ज्ञान प्राप्त हो सकेगा। आइए जानते हैं दिशा सूचक यंत्र ऐप को इस्तेमाल कैसे करें?

दिशा सूचक यंत्र को इस्तेमाल करने की विधि

वैसे तो आजकल हर स्मार्टफोन में पहले से ही कंपास दिया जाता है परंतु आपके फोन में कंपास या दिशा सूचक यंत्र ना हो तो आप इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। आप चाहे तो सीधा लिंक पर क्लिक करके Compass डाउनलोड कर सकते हैं|  Download Compass App

  1. सबसे पहले अपने मोबाइल फोन में दिशा सूचक यंत्र को ऊपर दिए हुए बटन पर click कर Google Playstore से फ्री डाउनलोड कर ले।
  2. अब ऐप को अपने फोन पर खोलें (Open App)।
  3. अपने फोन को आसमान की तरफ रखें इसमें N-उत्तर के लिए, S-दक्षिण के लिए, E-पूरब के लिए और W-पश्चिम दिशा के लिए प्रदर्शित किया गया है।
  4. दक्षिण पूर्व को SW, दक्षिण-पश्चिम को NW, उत्तर-पूर्व को NE और NW उत्तर पश्चिम दिशा को प्रदर्शित करता है।
  5. यह एक आधुनिक ऐप है जो कि चुंबकीय सेंसर की मदद से बनाई गई जो कि आपको सटीक दिशा बताती है।

कम्पास ऐप की विशेषताएं:

– सही उत्तर और चुंबकीय उत्तर (एप्लिकेशन स्वचालित रूप से घोषणा का ख्याल रखता है)
– धातु का पता लगाने और चुंबकीय शक्ति
– सेंसर सटीकता
– पृष्ठभूमि और पाठ रंग अनुकूलन
– वर्तमान पता और नक्शा
– मार्ग खोजने, आस-पास के स्थानों के लिए Google मानचित्र से लिंक करें …
– अपने वर्तमान स्थान, और इनपुट स्थानों को सहेजें और साझा करें
– स्क्रीन को चालू रखें
– बैटरी बचाने के लिए मंद स्क्रीन
– कार ड्राइविंग या बाइक चलाने के लिए स्पीडोमीटर
– बुलबुला स्तर यह इंगित करने के लिए कि सतह क्षैतिज है (स्तर) या ऊर्ध्वाधर (साहुल)
– टॉर्च
– मौसम की जानकारी
– कैमरा दृश्य (आप कम्पास, पते, अक्षांश और देशांतर के साथ किसी स्थान का स्क्रीनशॉट ले सकते हैं)
– क़िबला को दिशा खोजने के लिए क़िबला खोजकर्ता

घर-मकान बनाने में दिशा का महत्व

जब कभी हम अपने मकान अथवा घर या कोई प्रॉपर्टी को बनाते हैं उसके लिए ज्योतिषी का बहुत बड़ा महत्व होता है और ज्योतिषाचार्य के अनुसार दिशा काफी महत्वपूर्ण होती है ऐसे में घर की दिशा कैसे जाने काफी आवश्यक हो जाता है| घर का मुख्य दरवाजा कहां हो व अन्य दिशा किस प्रकार हो यह काफी आवश्यक हो जाता है तो आइए जाने घर बनाते हुए आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य दरवाजा दक्षिण दिशा को छोड़कर किसी भी दिशा बनाया जाना चाहिए। अगर आप वास्तु के अनुसार बात करें तो घर का मुख्य दरवाजा सदैव उत्तर अथवा पूर्व दिशा में ही बनाएं। यह दोनों दिशाएं आपके घर के लिए वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तम हैं। यह घर के सदस्य व घर के लिए सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं जिससे घर में सुख शांति बनी रहती है|

पढ़ाई के लिए

जब भी घर में पूजा हो तो किस दिशा में पूजा की जाए यह भी काफी आवश्यक है। पढ़ाई करने के लिए आप उत्तर पूरब दिशा का इस्तेमाल करें क्योंकि यह छात्रों के लिए काफी लाभदायक है।

पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण दिशा कैसे पता करें

किसी भी स्थान का रास्ता दिशा कहलाया जाता है। अगर हमें किसी को बताना है कि कोई रास्ता किधर स्थित है तो आपको उस पते की दिशा जानना आवश्यक है। आमतौर पर किसी भी दिशा में जाने के लिए आप को निर्देश दिए जाते हैं जैसे कि यह दिशा उत्तर दक्षिण पूरब या पश्चिम में पड़ेगी। उत्तर, दक्षिण, पूरब, और पश्चिम कार्डिनल दिशाओं के रूप में जाने जाते हैं। इनको हम N,S,E और W के रूप में संक्षिप्त करते हैं।

सूरज से दिशा कैसे पहचाने

सूरज से दिशा जानना काफी आसान है। जैसा कि आप जानते हैं की सूर्य हमेशा पूर्व में उगता है और पश्चिम में अस्त होता है। हमारी पृथ्वी को अपनी धुरी पर एक चक्कर पूरा करने के लिए 24 घंटे का समय लगता है। इस अवधि में किसी भी बिंदु पर पृथ्वी का आधा हिस्सा सूरज के सामने होता है। व अन्य हिस्सा अंधेरे में होता है जहां रात हो रही होती है। आइए जाने सूरज की मदद से उत्तर पश्चिम पूर्व और दक्षिण कैसे जाने:

पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण दिशा कैसे पता करें

  • सूरत से दिशा जानने के लिए उगते हुए सूरज की सामान्य स्थिति का पता लगाएं, सबसे पहले अपने बाएं हाथ को फैलाएं ताकि आपका बाया हाथ सूर्य की ओर इशारा करें। आपका बाया हाथ अब पूर्व की ओर इशारा कर रहा है।

disha kaise pata kare

  • आप अपना दाहिना हाथ पश्चिम दिशा की ओर इंगित करें ( बाएं हाथ के विपरीत). अब आप दक्षिण की ओर मुंह कर रहे हैं और आपकी पीठ उत्तर की ओर है।
  • अब आपका मुंह दक्षिण की ओर है वह आपके सर का पिछला भाग उत्तर दिशा को दर्शाता है। सूरज से हम दिशा इस प्रकार से जान सकते हैं।

रात में दिशा कैसे पता करें?

आपने सुबह या दोपहर में दिशा कैसे जानते हैं तो सीख लिया आइए जाने रात में दिशा कैसे पता करें:

सूर्य और चंद्रमा हमेशा पूरब से पश्चिम की तरफ जाते हुए दिखते हैं इसका अर्थ है कि सूर्य और चंद्रमा पूर्व दिशा से उदय होकर पश्चिम दिशा में अस्त हो जाते हैं। यह जानना आवश्यक है कि पूरी दुनिया में चंद्रमा के माध्यम एक समान होते हैं, ऐसा इसलिए है क्योंकि चंद्रमा को उदय होने के 2 से 3 घंटे तक उसकी दिशा एक समान ही होती है। ऐसे में चंद्रमा को देखकर आप दिशा जान सकते हैं। लेकिन कभी आप चंद्रमा को देखने में असमर्थ हैं तो फिर आप तारों की मदद से दिशा जान सकते हैं।

सूर्य और चंद्रमा के बीच यानी कि पूर्व से पश्चिम के बीच सत्य तारों का समूह मौजूद होता है जो कि हमारी पृथ्वी से उत्तर की दिशा में दिखाई देते हैं। यह अन्य तारों से ज्यादा चमकीले होते हैं और इनमें से चार तारे चौकोर आकार की तरह लंबाई में होते हैं जबकि तीन तारे एक के बाद एक होते हैं। 4 तारीख हमेशा पश्चिम दिशा की ओर होते हैं जबकि बाकी के तीन तारे पूर्व दिशा की ओर होते हैं। ऐसे में आपको दिशा जानना काफी आसान हो जाता है।

दंड चुंबक से दिशा पता करने का तरीका

दंड चुंबक की मदद से आप कभी भी दिशा जान सकते हैं। दंड चुंबक के काफी विशेषताएं हैं जैसे कि:

  • दंड चुंबक के दो ध्रुव होते हैं: उत्तरी ध्रुव (N) और दक्षिणी ध्रुव (S)
  • दंड चुंबक हमेशा उत्तर व दक्षिण दिशा में ठहरता है।
  • दंड चुंबक विभाजित करने से वे दो अलग-अलग बन जाते हैं।

आइए आप जानते हैं दंड चुंबक से दिशा कैसे पता करें:

दंड चुंबक से दिशा पता करने का बहुत आसान तरीका है।

  • सबसे पहले एक दंड चुंबक लीजिए इसको बीच में से किसी भी धागे से बांधकर हाथ से पकड़ें ।
  • दूसरे हाथ से दंड चुंबक की गति को थोड़ा कम करें जिससे वह एक जगह आकर रुक जाए।
  • इससे आपको पता चल जाएगा कि दंड चुंबक उत्तर वाद दक्षिण दिशा में ठहरता है।
  • जांच लें चुंबक मजबूत धागे से बंधा है धागा बीचोबीच बंधा हो।

DTH की छतरी से दिशा जाने का तरीका

अब अगला तरीका है DTH यानी कि डिश टीवी वाह टाटा स्काई के छतरी से विशाल पता कैसे की जाए। दोस्तों देश यानी कि डीटीएच की छतरी हमारी छत या बिल्डिंग पर लगी होती है। इसका मुंह सदैव पूर्व में होता है वह इसका ज्यादातर भाग दक्षिण दिशा में होता है। ऐसे में आप जान सकते हैं कि दिशा किस तरफ है।

ऊपर हमने दिशा ज्ञान इन हिंदी, दिशा मैप इन हिंदी, नकाशा व दिशा मानचित्र की जानकारी दी है| आशा करते हैं कि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी काफी मददगार साबित होगी। ऐसे में अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा तो आप नीचे दिए हुए कमेंट सेक्शन में कमेंट करके हमें अवश्य बताएं व अन्य कोई सुझाव हो तो वह भी कमेंट करके आप बता सकते हैं। इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा अपने दोस्तों के साथ शेयर करें। धन्यवाद!

FAQ

पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण दिशा कैसे पता करें?

पूरब दिशा वह है जहां से सूर्य उदय होता है वह पश्चिम दिशा वह है जहां पर सूर्य अस्त होता है। अगर आप पूर्व की तरह मुंह करके खड़े हो तो बाएं हाथ की तरफ उत्तर दिशा प्राप्त होगी

पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण किधर है?

पूरब पश्चिम आमने-सामने हैं उत्तर दक्षिण एक-दूसरे के आमने-सामने हैं। अगर आप सूर्य के तरफ मुंह करके खड़े हैं तो आपके मुंह का हिस्सा पूर्व की ओर होगा वह मुंह का पिछला हिस्सा पश्चिम की ओर । आपका बाया हाथ उत्तर दिशा की ओर होगा वह दाया हाथ दक्षिण की ओर।

पूर्व दिशा किधर है बताइए?

जिस दिशा से सूर्य उदय हो वही दिशा पूर्व दिशा है

दिशा सूचक यंत्र क्या है?

दिशासूचक यन्त्र एक इलेक्ट्रॉनिक युक्ति से बना यंत्र होता है जो कि खासतौर पर दिशा पता करने के लिए ही बनाया है। यह चुंबकीय सेंसर की मदद से बनता है जो कि आपको सटीक दिशा बताता है।

दिशा कैसे पता करे – दिशा पता करने के बेस्ट तरीके
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