भारतीय इतिहास की भयंकर भूलें

भारतीय इतिहास की भयंकर भूलें

आज के समय में पुरे विश्व के कई देशो में भारत ने अपनी अलग जगह बना ली हैं| जैसे की हम सब जानते हैं की भारत के विकसित देश हैं| आधुनिकता के इस समय में भारत सभी बड़े देशो से टक्कर लेने में सक्षम हैं पर पहले से ऐसा नहीं था | इतिहास गवाह हैं की भारत को आजादी मिलने से पहले देश की हालत बहुत बेकार थी| अंग्रेज़ो के शासन काल से पूर्व भारत को सोने का देश भी कहा जाता था लेकिन भारत के इतिहास के महान राजा और महाराजाओ से या भारत के कुछ महापुरुषों की भूल की वजह से भारत को बहुत से अत्याचार का सामना करना पड़ा| आज के इस आर्टिकल में हैं आपको ऐसे ही कुछ बहुत बड़ी भूल ,भारतीय इतिहास की भयंकर भूलें पीडऍफ़ के बारे में बताएंगे जिन्हे पढ़कर आपको भारत के इतिहास के बारे में और भी जानकारी मिलेगी|

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काला पहाड़ और बंगाल

भारत के इतिहास में कई ऐसे बटवारे हुए जिनकी वजह से जो शहर भारत का हिस्सा थे वो उससे अलग होकर एक अलग देश बन गए ऐसा ही एक देश हैं बांग्लादेश| यह बटवारे से पहले बंगाल का हिस्सा था| काला पहाड़ एक ऐसी घटना थी जिसने बंगाल का इतिहास ही बदल डाला| यह एक पहाड़ का नाम नहीं था बल्कि एक युवक का नाम था जिसका नाम कालाचंद्र था| वे एक हिन्दू ब्राह्मण था जिसे एक मुसलमान शासक की लड़की से प्यार हो गया | वे लड़की उससे शादी करने के लिए अपना धर्म परिवर्तित करवाने को भी तैयार थी|

जब हिन्दू समाज के कुछ महानुभाव को यह बात पता चली तो उन्होंने इसका विरोध  किया | कालाचंद्र ने इस बात का विरोध जताते हुए मुसलमान धर्म अपना लिया और उस लड़की से निकाह कर लिया| जब वे राजा की गद्दी की उत्तराधिकारी बन गया तब उसने तलवार की नोक पर सब हिन्दू को मुसलमान धर्म अपनाने को कहा | उसका एक ही नारा था की मुसलमान बन जाओ या फिर मर जाओ| उसने बंगाल की आदि जनता को मुसलमान बनने पर मजबूर कर दिया| अगर अपनी छोटी सोच से उठकर उन ब्राह्मणों ने कालाचंद्र का अपमान नहीं किया होता तो यह सब कत्लेआम नहीं होता| इस भूल की सजा भारत अब भी भुगत रहा हैं|

पाकिस्तान का जन्म और मोहम्मद जिन्ना

आज के समय में भारत देश और पाकिस्तान एक दुसरे के कट्टर दुश्मन हैं| जैसे की आप सब जानते ही होंगे की पाकिस्तान बटवारे से पहले भारत का हिस्सा था | पाकिस्तान के बनने के पीछे भी भारत के हिन्दू धर्म के ठेकेदारों की एक बहुत बड़ी भूल हैं | लाहौर जो की अब पाकिस्तान का शहर हैं उसे बनाने में भगवान् राम के बेटे लव कुश का योगदान था| बटवारे से पूर्व वह पंजाबी और मुसलमान बड़े अमन और शान्ति से रहते थे| जैसे ही पाकिस्तान का नाम आता हैं तो उसी समय एक इंसान का भी नाम आता है जिसका नाम मोहम्मद अली जिन्ना था| उसका जन्म भारत के गुजरात में हुआ था|

कालापहाड़ और बंगाल

उनके पूर्वज हिन्दू धर्म से बहुत प्रभावित थे और उसे अपनाना चाहते थे| वे इसके लिए काशी चले गए जो उस समय भारत की राजधानी थी| परन्तु वहां के पंडितो ने उनके प्रस्ताव को नकार दिया जिसकी वजह से उनके मन में हिदुओ के लिए इर्ष्य भर गई| कुछ समय बाद उनके परिवार में जिन्ना का जनम हुआ जिसके पूर्वजो के क्रोध के कारण पाकिस्तान को भारत से अलग कर दिया|

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कश्मीरी पंडित और इस्लामीकरण

भारत में कश्मीर एक बहुत ही विवादित शहर के नाम से भी जाना जाता है| किसी समय उसे स्वर्ग का दर्जा देने वाले आज इसे नर्क से भी बत्तर बताते हैं| 700 साल पहले तक यह शहर में कश्मीरी पंडितो का शहर था| यह शान्ति और अमन था| संन 1301 ई. में यहां के राजा साहड़ीव सिंह थे जिनका शाशन काल बहुत विपत्ति से भरा था| उनके पास लद्दाख के राजकुमार रिंचन आये और उन्होंने रिंचन की प्रशासन का महत्वपूर्ण दायित्व दे दिया पर यह उनकेलिए घातक साबित हुआ | राजा ढुलक ने कश्मीर पर आक्रमण कर दिया जिससे बचने के लिए साहड़ीव वह से भाग गया| इसकी वजह ऋचाल था|

जब राजा वहा से चला गया तो ऋचाल ने राजा की बेटी से शादी करके सिंहासन पर विराजमान हो गया| कुछ वर्ष पूर्ण उसे इस बात का पछतावा हुआ और उसने एक मौलवी के पास जाके मुस्लिम धर्म अपना लिए| इस घटना से कश्मीर का इस्लामीकरण प्रारंभ हो गया| वहाँ के कश्मीरी पंडित को जबरदस्ती मुस्लिम धर्म अपनाने को मजबूर कर दिया सब देखकर उसे फिरसे पछतावा हुआ| तब वे कालांतर के महाराज के पास गया| वहा के राजा रणबीर सिंह हिन्दू संस्कृति को बढ़ावा देते थे| जब ऋचाल ने वहा जाकर उनसे फिर से हिन्दू धर्म में परिवर्तन की बात कही तो वहा के ब्राह्मण ने उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया| इसी छड़ से कश्मीर में इस्लाम की शुरुवात हुई|

 

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