बाल दिवस पर कविता | चिल्ड्रन्स डे पोएम्स इन हिंदी

बाल दिवस पर कविता | चिल्ड्रन्स डे पोएम्स इन हिंदी

Bal Diwas Par Kavita | Childrens Day Poem In Hindi : चिल्ड्रन डे भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू जी के जन्मदिन की याद में मनाया जाता है इसीलिए बाल दिवस के शुभ अवसर पर चाचा नेहरू के ऊपर कुछ कविताये भी कही गयी है जिन कविताओं को बच्चे स्कूल व कॉलेजों में बाल दिवस के मौके पर बोलते है | यह कविताये हमारे लिए बहुत अधिक प्रेरणादायी भी होती है जिनकी मदद से आप उनके बारे में काफी कुछ जान सकते है | इसीलिए अगर आप बाल दिवस के ऊपर कविताओं को जानना चाहते है तो उसके लिए आप नीचे बताई गयी जानकारी को पढ़ सकते है |

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बाल दिवस पर हास्य कविता

सारे जग को पाठ पढ़ाया,
शांति और अमन का।
भारत मां का मान बढ़ाया,
था यह ऐसा लाल चमन का॥

एक गुलाब ही सब पुष्पों में,
इनको लगता प्यारा।
भारत मां का लाल यह,
सबसे ही था न्यारा॥

बच्चे इनको सदा प्यार से,
चाचा नेहरू कहते।
चाचाजी इन बच्चों के बीच,
बच्चे बनकर रहते है॥

देश विदेश यह घूमते थे,
बहुत सारी जानकारी प्राप्त करते थे,
फिर भी अपने देश से यह प्यार करते थे!
चाचा नेहरु राजकुमारे थे!

अचकन में फूल लगाते थे,
हमेशा ही मुस्काते थे!
बच्चो से प्यार जताते थे!
चाचा नेहरु प्यारे थे!

चाचा नेहरु प्यारे थे,
भारत माता के राजदुलारे थे!,
देश के पहले पधानमंत्री थे,
स्वतंत्रता के सैनानी थे!

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पंडित जवाहरलाल नेहरू कविता

कितनी प्यारी दुनिया इनकी,
कितनी मृदु मुस्कान।
बच्चों के मन में बसते हैं,
सदा, स्वयं भगवान।
एक बार नेहरू चाचा ने,
बच्चों को दुलराया।
किलकारी भर हंसा जोर से,
जैसे हाथ उठाया।
नेहरूजी भी उसी तरह,
बच्चे-सा बन करके।
रहे खिलाते बड़ी देर तक
जैसे खुद खो करके।
बच्चों में दिखता भारत का,
उज्ज्वल स्वर्ण विहान।
बच्चे मन में बसते हैं,
सदा स्वयं भगवान।
बच्चे यदि संस्कार पा गए,
देश सबल यह होगा।
बच्चों की प्रश्नावलियों से,
हर सवाल हल होगा।
बच्चे गा सकते हैं जग में,
अपना गौरव गान।
बच्चे के मन में बसते हैं,
सदा स्वयं भगवान।

आता हैं हर वर्ष ये दिन
झूमे नाचे बच्चे संग-संग
देते चाचा नेहरु को श्रद्धांजलि हम
थे यह देश के पहले प्रधानमंत्री
करते थे बच्चों से प्यार
हर जयंती पर होता बच्चो का सत्कार
कच्ची मिट्टी हैं बच्चो का आकार
सच्चे साँचे में ढले यही हैं दरकार
ना हो अन्याय से भरा इनका जीवन
प्रतिज्ञा करो न करोगे बाल शोषण
नन्ही सी कलि हैं ये
भारत का खिलता कमल हैं ये
बाल दिवस पर हैं इन्हें सिखाना
जीवन अनमोल हैं यूँही ना गँवाना
देश के भविष्य हो तुम
शक्तिशाली युग की ताकत हो तुम

बच्‍चों के प्‍यारे थे चाचा नेहरू
सबसे न्‍यारे थे चाचा नेहरू
अलाहबाद में जन्‍मे थे
और इंग्लैण्‍ड में पढ़े थे
देश की आजादी खातिर
कई दफा जेल गए थे
अपने हुनर के बलबूते वो
देश के पहले प्रधानमंत्री बने थे
बापू गांधी के प्‍यारे थे चाचा नेहरू
पंचवर्षीय योजना दी चाचा ने
नई राह नई चेतना दी चाचा ने
जब प्रथम प्रधानमंत्री बने थे चाचा नेहरू
चाचा जी का सपना था
जब वे पंचतत्‍व में लीन हो जाए
उनकी चिंता से राख उठाए
उसको भारत के खेतों में डालें
और कुछ को गंगा में बहाएं
ऐसा करने से वो
भारत की मिट्‌टी में मिल जाएं
सच में बहुत न्‍यारे थे चाचा नेहरू
बच्‍चों के प्‍यारे थे चाचा नेहरू

थी बड़ी सोच मौलिक सपने
बच्चों के प्यारे चाचा के
जिनको नेहरू जी कहते हैं
भारत के वीर जवाहर के
नेहरू चाचा का जन्मदिवस
इसलिये तो देश मनाता है
यह तिथि नवंबर चौदह का
दिन बाल दिवस कहलाता है।
बच्चो हम आज बताते हैं
यह बाल दिवस क्या होता
यह बाल दिवस क्यों होता..

बाल दिवस पर हास्य कविता

Happy Children’s Day Poems

बाल-दिवस है आज साथियो, आओ खेलें खेल ।
जगह-जगह पर मची हुई खुशियों का सेलाब ।
जन्म,दिंनाक चाचा नेहरू की फिर आई है आज |
उन जैसे नेता पर सारे भारत को है सान ।
वह दिल से भोले थे इतने, जितने हम नादान,
बूढ़े होने पर भी मन से वे थे सदा जवान ।
हम उनसे सीखे मुसकाना, सारे संकट झेल ।
हम सब मिलकर क्यों न रचाए ऐमा सुख संसार
भाई-भाई जहां सभी हों, रहे छलकता प्यार ।
नही घृणा हो किसी हृदय में, नहीं द्वेष का वास,
आँखों में आँसू न कहीं हों, हो अधरों पर हास ।
झगडे नही परस्पर कोई, हो आपस में मेल ।
पडे जरूरत अगर, पहन ले हम वीरों का वेश,
प्राणों से भी बढ़कर प्यारा हमको रहे स्वदेश ।
मातृभूमि की आजादी हित हो जाएं बलिदान,
मिट्टी मे मिलकर भी माँ की रखे ऊंची शान ।
दुश्मन के दिल को दहला दें, डाल नाक-नकेल ।
बाल दिवस है आज साथियो, आओ खेलें खेल ।

बच्चो हम आज बताते हैं
यह बाल दिवस क्या होता
यह बाल दिवस क्यों होता।
ये तो तुम सबने सुना ही होगा
दुनिया राम चलाते हैं
बैकुंठ छोड़कर बच्चे बन
भगवान धरा पर आते हैं
जिनको छल कपट नहीं आते
भगवान वहीँ पर रम जाते हैं
इसलिये तो बच्चे दुनिया में
भगवान का रूप कहालते हैं।
बच्चो हम आज बताते हैं
यह बाल दिवस क्या होता
यह बाल दिवस क्यों होता ||

चाचा नेहरु का बच्चो से है बहुत पुराना नाता
जन्मदिन चाचा नेहरु का बाल दिवस कहलाता
चाचा नेहरु ने देखे से नवभारत के सपने
उस सपने को पूरा कर सकते है उनके अपने बच्चे
बाल दिवस के दिन हुम सभी बच्चे मिलकर गीत ख़ुशी के गायेगें
चाचा नेहरु के चरणों में फूल मालाये चढ़ायेगें!
शालाओं में भी होते है नये नये आयोजक
जिसको देख कर आनंदित होते है हम बच्चो के तन मन
बाल दिवस के इस पवन पर्व पर एक शपथ ये खाओ
ऊँच नीच का भेद भूलकर सबको गले लगाओ!

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Bal Diwas Ki Kavita In Hindi

चाचा नेहरु के जन्मदिन पर ,
बाल दिवस है मनाया जाता
बाल दिवस लाता है खुशियों का त्यौहार
इसमें बच्चे पाते है बहुत ढेर सारा प्यार
नेहरु चाचा करते से हम बच्चो से प्यार
क्योकि बच्चो का दिन होता है पूरी तरह से साफ़
चाचा नेहरु का था सिर्फ एक ही सपना
पढने में आगे हो अपने देश का हर एक बच्चा बच्चा
क्योकि भारत के बच्चे है फ्यूचर इस देश के
एजुकेशन से होता कल्याण इनका
बाल दिवस के मौके पर सभी बच्चे को ये वादा है निभाना
चाचा नेहरु के सपने को सच करके है दिखाना

बचपन है ऐसा खजाना
आता है ना दोबारा
मुस्किल है इसको भूल पाना,
वोखेलना कूदना और खाना
मौज मस्ती में बखलाना
वो माँ की ममता और वो पापा का दुलार
भुलाये ना भूले वह सावन की फुवार,
मुस्किल है इन सभी को भूलना
वह कागज की नाव बनाना
वो बारिश में खुद को भीगना
वो झूले झुलना और और खुद ही मुस्कुराना …..
वो यारो की यारी में सब भूल जाना
और डंडे से गिल्ली को मरना
वो अपने होमवर्क से जी चुराना
और teacher के पूछने पर तरह तरह के बहाने बनाना
बहुत मुस्किल है इनको भूलना
वो exam में रट्टा लगाना
उसके बाद result के डर से बहुत घबराना
वो दोस्तों के साथ साइकिल चलाना
वो छोटी छोटी बातो पर रूठ जाना
बहुत मुस्किल है इनको भुलाना…
वो माँ का प्यार से मनाना
वो पापा के साथ घुमने के लिए जाना
और जाकर पिज्जा और बर्गेर खाना
याद आता है वह सब जबान
बचपन है ऐसा खजाना
मुस्किल है इसको भूलना

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