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स्वाइन फ्लू आयुर्वेदिक उपचार | Swine Flu Ayurvedic Treatment

स्वाइन फ्लू आयुर्वेदिक उपचार | Swine Flu Ayurvedic Treatment : स्वाइनफ्लू एक ऐसी बिमारी है जिसका अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा हो जाती है | यह बीमारी (H1N1 influenza) नामक वायरस से होती है जो की 2009 में पहली बार पाया गया था | यह बीमारी सूअर में पाए जाने वाले वायरस से मिलता है इसलिए इसका नाम स्वाइनफ्लू है | यह बीमारी मौसमी बिमारी है जो की दिसम्बर, जनवरी, फरवरी व मार्च में अपने चर्म रूप में फैलती है | ऐसा इसलिए है क्योंकि यह वायरस ठण्ड में ही जीवित रह पता है | अगर आपको हेल्थी और फिट रहना है तो इसका समय पर उपचार करना ज़रूरी है | आज हम आपको बताएँगे स्वाइन फ्लू आयुर्वेदिक इलाज , स्वाइन फ्लू उपाय व बाबा रामदेव स्वाइन फ्लू दवा |

स्वाइन फ्लू के लक्षण ( Swine Flu Symptoms):

यह बीमारी सूअर यानि की pigs से फैलती है और फिर इंसानो से दूसरी इंसानो में इसलिए, यह बीमारी जानलेवा हो सकती है | इस बिमारी के कई प्रकार के लक्षण होते हैं | आप भी जान सकते हैं की इस बिमारी के लक्षण बस निचे पढ़ें :

  • बुखार
  • गले में खराश
  • मांसपेशियों में दर्द
  • भयानक सरदर्द
  • खाँसी
  • कमज़ोरी
  • कुछ लोगों को व्यग्रता, शरीर में दर्द, ठंड लगना, मतली, उल्टी जैसे लक्षण भी हो सकते है|

स्वाइन फ्लू आयुर्वेदिक उपचार | स्वाइन फ्लू का घरेलु इलाज

वैसे तो इस बीमारी के लिए डॉक्टर व एक्सपर्ट पश्चिमी दवाइओ (Allopathic Medicines) बताते हैं जैसे की :

  • एंटीबायोटिक्स
  • एंटीवायरस (टैमीफ्लू)
  • NSAIDs (Dicleofenac और पेरासिटामोल का कॉम्बिनेशन)
  • एंटीहिस्टामिन (Antihistamine) आदि

अब आते हैं इस बिमारी के आयुर्वेदिक उपचार पर, दोस्तों हम सबको पता है की कोई भी बीमारी हो, हमारे प्राचीन आयुर्वेद में सबका इलाज है क्योंकि आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों में इतनी शक्ति होती है की वो किसी भी बीमारी को जड़ से मिटा सकती है| तो आइये जानते हैं स्वाइनफ्लू का आयुर्वेदिक उपचार हिंदी में |

  • निचे दिए हुए जड़ी बूटियों का मिश्रण या पाउडर बना के बराबर अनुपात में बना के हर्बल चाय के रूप में ले|
  1. तुलसी
  2. गुडूची
  3. हल्दी
  4. लहसुन
  5. वासा
  6. मुलेठी (यष्टिमधु)
  7. कपूर (Camphor)
  8. नीम
  9. इलायची

स्वाइन फ्लू उपचार

  • आप अपनी नाक के चारो ओर eucalyptus (सफेद) का तेल लगाए जिससे की वायरस से आपका बचाव रहे | यह तेल सभी प्रमुख आयुर्वेदिक दुकानों पर मिल जाता है |
  • सुबह-सुबह हल्दी और नमक के गरारे कीजिये |
  • दूध में हल्दी मिलाकर सुबह शाम सेवन करें इससे आपकी इम्युनिटी बानी रहेगी |
  • आप चाहे तो आयुर्वेदिक दवाई भी ले सकते हैं जैसे बाबा रामदेव का पतंजलि गिलोय सत यह चिकनगुनिया का इलाज भी करता है , गिलोय कैप्सूल, immune magic आदि |

ऊपर दिए उपचारो से आप इस कहतरनाक बिमारी से अपना बचाव कर सकते हैं |

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