शिवलिंग क्या है – शिवलिंग कैसे बना – शिवलिंग की कहानी उत्‍पत्ति हिंदी में

शिवलिंग क्या है शिवलिंग कैसे बना

हिन्दू धर्म में कई देवी देवता हैं जिन्हे हम अपने हृदय से मानते हैं और उनकी पूजा करते हैं| भारत के इतिहास की पौराणिक गाथाओ में भी इन देवी देवताओ का जिक्र हैं | इन सब देवी देवताओ में सबसे प्रथम स्थान पर भगवान् शिव आते हैं| इन्हे भोलेनाथ, महादेव, महाकाल और देवो के देव भी कहा जाता हैं| हिन्दू धर्म में इनका स्थान सबसे ऊपर हैं और भोले के भक्त इनकी पूजा सच्ची श्रद्धा से करते हैं| शिवलिंग इनके अंशो में से एक अंश हैं| हिन्दू धर्म में शिवलिंग की पूजा का बहुत महत्व हैं| कहा जाता हैं की अगर आपको भगवान् शिव को प्रसन्न करना हैं तो शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए | आज के इस पोस्ट में हम आपको शिवलिंग का हिन्दू धर्म में महत्व ,इसकी विशेषताए और इसकी रचना कैसे हुई थी इसके बारे में विस्तार से बताएंगे|

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शिवलिंग का इतिहास – शिवलिंग स्टोरी

पौराणिक कथाओं में शिवलिंग के रचना होने का कारण और इसके इतिहास के बारे में बताया हैं| कहा जाता हैं की यह सृष्टि के निर्माण होने के बाद भगवान् विष्णु प्रकट हुए और इसके बाद उनकी नाभि से भगवान् ब्रह्मा का जन्म हुआ| इसके बाद कई वर्षो तक इस दोनों देवताओ के बीच युद्ध होता रहा | दोनों स्वयं को दूसरे से ज्यादा शक्तिशाली मानते थे| एक समय आकाश में एक अलग सी ऊर्जा का संचार हुआ और एक पत्थर धरती पर आया और आकाशवाणी हुई की जो भी इस पत्थर का अंत ढूंढेगा वो ही शक्तिशाली माना जाएगा|

शिवलिंग की कहानी उत्पत्ति हिंदी में

यह सुनकर ब्रह्मा नीचे की तरफ और विष्णु ऊपर की तरफ गए लेकिन दोनों को उस पत्थर का अंत नहीं मिला| तभी विष्णु जी ने पराजय स्वीकार कर ली और ब्रह्मा को शक्तिशाली मान लिया परन्तु ब्रह्मा शक्तिशाली बनने के कारण से झूठ बोल गये की उन्हें अंत मिल गया हैं| वो पत्थर शिवलिंग था| भगवान् विष्णु को सच बोलने के कारण वरदान मिला और ब्रह्मा को श्राप की उनकी कोई पूजा नहीं करेगा| तभी उस शिवलिंग से भगवान् शिव अवतरित हुए| उन्होंने कहा मैं शिवलिंग हूँ | ना ही मेरा कोई अंत हैं नहीं कोई प्रारंभ |

शिवलिंग की उत्पत्ति कैसे हुई

हिन्दू धर्म की कई पौराणिक ग्रंथो में शिवलिंग के महत्व और उसकी उत्पत्ति के बारे में बताया गया हैं| कहा जाता हैं की शिवलिंग भगवान् शिव और माँ शक्ति यानि कि माँ पार्वती का स्वरुप हैं| यह पुरुष और स्त्री के समानता का प्रतीक हैं| जैसे की हम सब जानते हैं की इस संसार में एक ही शब्द के कई अर्थ होते हैं उसी प्रकार से लिंग शब्द का मतलब चिन्ह, निशानी या प्रतीक से हैं| ग्रंथो में कहा गया हैं की जो भी शिव का प्रतीक मानकर इसकी पूजा करता हैं उसे मोक्ष प्राप्त होता हैं| यह भी कहा जाता हैं की इस संसार के बसने से पहले ही शिवलिंग की रचना हो गई थी|

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शिवलिंग की पूजा क्यों होती है

शिवलिंग का इतिहास

शिवलिंग की पूजा के महत्व के बारे में पौराणिक गाथाओ में भी जिक्र हैं| इस पूजा का बहुत महत्व हैं| कहा जाता हैं की अगर आपने कोई कुकर्म करे या कोई पाप किया हैं और अगर आप शिवलिंग की पूजा करते हैं तो इससे आपके सारे पाप धुल जाते हैं| रुद्राभिषेक शिवलिंग की एक महान पूजा का नाम हैं| यह भी कहा जाता हैं की अगर आप शिवलिंग की पूजा करते हैं तो आपको धन, धन्य, ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती हैं| लोगो का यह भी मानना हैं की इसके तीर्थ स्थान पर जिसकी मृत्यु होती हैं वो शिवलोक जाता हैं|

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