शनि काले और सूर्य के शत्रु क्यों है

शनि देव का जन्म

Shanidev Kale Aur Surya Ke Shatru Kyo Hai : भगवान शनिदेव को कौन नहीं जानता है वह भगवान् सूर्य देव के पुत्र है और शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा की जाती है | शनिदेव को फल कर्म देवता के रूप में भी जाना जाता है वह मनुष्य के कर्मो का फल देते है अगर किसी व्यक्ति के कर्म अच्छे नहीं है तो वह उनको कर्मो का फल दंडस्वरूप देते है और अगर कर्मो से प्रासां हो जाते है तो वह वरदान भी देते है | शनिदेव एक महान शक्तिशाली देवता के रूप में हमारे बीच में है जिनके भक्त इनकी सेवा के प्रति सजग रहते है और इन्हे खुश रखने के लिए कई तरह के उपाय भी अपनाते है लेकिन क्या आप जानते है की शनिदेव का रंग काला क्यों है ? और वह क्यों अपने पिता सूर्य देव के शत्रु है इसके पीछे भी एक अभूत बड़ा किस्सा है जिसकी जानकारी हम आपको देते है जाने हमारे माध्यम से |

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शनि काले और सूर्य के शत्रु क्यों है

शनि देव का जन्म

Shani Dev Ka Janm : सूर्य देव की पत्नी का नाम संज्ञा था और वह भगवान् शिव की बहुत बड़ी भक्त थी वह पूरे भक्ति भाव से उनकी पूजा करती थी लेकिन सूर्य देव के साथ अधिक समय रहने के पश्चात जब उन पर सूर्यदेव का तेज़ सहन नहीं हुआ तब उन्होंने वहां से जाने का निर्णय लिया और वह अपनी परछाई छाया को सूर्यदेव के पास छोड़ कर चली गयी | सूर्यदेव को छाया के ऊपर बिलकुल भी संदेह नहीं हुआ की वह उनकी पत्नी नहीं है और वह अपना जीवन व्यतीत करने लगे तभी छाया गर्भवती हो गयी और शनिदेव उनके गर्भ में थे उसी समय वह भगवान् शिव के ध्यान में मग्न रहने की वजह से अपना बिलकुल भी ख़याल नहीं रख पाती थी और शनिदेव को पोषण ठीक प्रकार से नहीं मिल पाया जिसकी वजह से उनका रंग गर्भ में ही काला हो गया |

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जब शनिदेव का जन्म हुआ तब सूर्यदेव ने उन्हें अपनी गोद में लिए और देखा की यह इतना काला कैसे तब उन्होंने सारा इल्जाम अपनी पत्नी छाया पर लगा दिया मै भी गोरा और तुम भी गोरी तो इसका रंग कैसे काला हो गया यह मेरा बेटा नहीं हो सकता | इतना कह कर उन्होंने शनिदेव को त्याग दिया और जब शनिदेव ने यह अपनी माता का अपमान देख कर अपने पिता से शत्रु भाव रखने लग गए | उसके बाद उन्होंने भगवान् शिव की आराधना की और उन्हें प्रसन्न करके शक्तियां प्राप्त किया और न्यायप्रिय देवता के रुप में अपना स्थान प्राप्त किया।

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