रूठे प्यार को मनाने की शायरी

रूठे प्यार को मनाने की शायरी

Ruthe Pyar Ko Manane Ki Shayari : अगर आपका प्यार आपसे रूठ जाता है तो उसे मनाने के लिए आप क्या करते हो ? कोई व्यक्ति उसे मनाने के लिए कई तरह के उपाय आजमाते है लेकिन किसी भी तरह का कोई भी उपाय या तरीका काम नहीं आता | हम आपको आपके प्यार को मनाने के लिए कुछ शायरियां बताते है जिन शायरियो को अपना कर आप आराम से अपने प्यार को मना सकते है | अगर आप यह सभी शायरियां अपने प्यार को भेजते है तो उसकी वजह से आप अपने प्यार को मना सकते है और अपनी की हुई गलती की माफ़ी भी माँग सकते है |

यह भी देखे : दिल टूटने वाली शायरी

रुठने-मनाने की शायरी

Ruthne-Manane Ki Shayari : अगर आप रूठने मनाने की शायरी जानना चाहते है तो इसके लिए आप नीचे द्वारा बताई गयी शायरियो को पढ़े और उन्हें अपने दोस्तों के साथ शेयर करे :

हर बार रिश्तों में और भी मिठास आई है,
जब भी बाद रूठने के तू मेरे पास आई है।

बस एक यही आदत तो मेरी खरा़ब है …
रूठने के लिये ना जाने कितने बहाने चाहिये
और मान जाने के लिये …तेरा बोलना ही काफी है …

रूठने की कोई…….दास्ताँ रही होगी
यकीनन कोई …….. खता रही होगी
तुमने सलाम नहीं लिया होगा उनका
यही तो बात दिल को सता रही होगी

नाराज़गी नहीं है कोई … मै किससे
शिकायत करूँ! . . . .
ये रूठने मनाने
की रस्म तो अपनों में हुआ करती है!!

बहाने बनाना कोई उनसे सीखे, बनाकर मिटाना कोई उनसे सीखे,
सबब रूठने का भी होता है लेकिन, यूं ही रूठ जाना कोई उनसे सीखे !

रूठने-मनाने का,
सिलसिला कुछ यू हुआ।
मान गया था मगर,
फिर रूठने का दिल हुआ।।

जंग न लग जाये मोहब्बत को कहीं…
रूठने मनाने के सिलसिले जारी रखो..।।

उन्हें रूठने में वक़्त नहीं लगता
मेरे पास वक़्त नहीं मानाने को …

रूठनें का लुत्फ़ आया ही नहीं,
आप पहले ही मनाने आ गए…

हमें तो रूठने का सलीका भी नहीं आता
जाते-जाते खुद को उसके पास ही छोड़ आये ………

गलती एक करी थी उसने जो हमने सची मानी थी…°
हमने जाने को कहा और उसने रुठने की ठानी थी़.

तू जो रूठ्ने लगा है दिल टूटने लगा है
अब सब्र का भी दामन मुझसे छूटने लगा है

तुझे खबर भी है इसकी ओ रूठने वाले,
तुम्हारा प्यार ही मेरा कीमती खजाना था

सारी उम्र करते रहे इंतज़ार तेरे रुठने का
कभी तो मौका दिया होता तूने मनाने का

ज़माने से रुठने की जरूरत ही क्यों हो
जब मेरे अपने ही मेरे बने रकीब हो

रुठने-मनाने की शायरी

यह भी देखे : उत्साहवर्धक शायरी

माफी की शायरी

Mafi Ki Shayari : अगर आपका प्यार आपसे नाराज़ है और आप उनसे माफ़ी मांगना चाहते है और उन्हें मनाना चाहते है तो आप यह शायरियां उन्हें फेसबुक, व्हाट्सएप्प पर भेज सकते है :

हम रूठे भी तो किसके भरोसे रूठें,
कौन है जो आयेगा हमें मनाने के लिए,
हो सकता है तरस आ भी जाये आपको,
पर दिल कहाँ से लायें आपसे रूठ जाने के लिये।

तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी,
तुम्हारे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी,
क्या कहे क्या गुजरेगी इस दिल पर,
जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी।

दिल से तेरी याद को जुदा तो नहीं किया,
रखा जो तुझे याद कुछ बुरा तो नहीं किया,
हम से तू नाराज़ हैं किस लिये बता जरा,
हमने कभी तुझे खफा तो नहीं किया।

खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो,
दिल में इतना दर्द क्यूँ है वजह बता दो,
देर हो गयी याद करने में जरूर,
लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो।

न तेरी शान कम होती न रुतबा ही घटा होता,
जो गुस्से में कहा तुमने वही हँस के कहा होता।

देखा है आज मुझे भी गुस्से की नज़र से,
मालूम नहीं आज वो किस-किस से लड़े है।

कब तक रह पाओगे आखिर यूँ दूर हमसे,
मिलना पड़ेगा कभी न कभी ज़रूर हमसे,
नज़रें चुराने वाले ये बेरुखी है कैसी,
कह दो अगर हुआ है कोई कसूर हमसे।

निकला करो इधर से भी होकर कभी कभी,
आया करो हमारे भी घर पर कभी कभी,
माना कि रूठ जाना यूँ आदत है आप की,
लगते मगर हैं अच्छे ये तेवर कभी कभी।

तुम हँसते हो मुझे हँसाने के लिए,
तुम रोते हो तो मुझे रुलाने के लिए,
तुम एक बार रूठ कर तो देखो,
मर जायेंगे तुम्हें मनाने के लिए।

नाराज क्यूँ होते हो किस बात पे हो रूठे,
अच्छा चलो ये माना तुम सच्चे हम ही झूठे,
कब तक छुपाओगे तुम हमसे हो प्यार करते,
गुस्से का है बहाना दिल में हो हम पे मरते।

हो सकता है हमने आपको कभी रुला दिया,
आपने तो दुनिया के कहने पे हमें भुला दिया,
हम तो वैसे भी अकेले थे इस दुनिया में,
क्या हुआ अगर आपने एहसास दिला दिया।

हमसे कोई खता हो जाये तो माफ़ करना,
हम याद न कर पाएं तो माफ़ करना,
दिल से तो हम आपको कभी भूलते नहीं,
पर ये दिल ही रुक जाये तो माफ़ करना।

बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से,
हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से,
तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले,
कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से।

इस कदर मेरे प्यार का इम्तेहान न लीजिये,
खफा हो क्यूँ मुझसे यह बता तो दीजिये,
माफ़ कर दो गर हो गयी हो हमसे कोई खता,
पर याद न करके हमें सजा तो न दीजिये।

आज मैंने खुद से एक वादा किया है,
माफ़ी मांगूंगा तुझसे तुझे रुसवा किया है,
हर मोड़ पर रहूँगा मैं तेरे साथ साथ,
अनजाने में मैंने तुझको बहुत दर्द दिया है।

धड़कन बनके जो दिल में समा गए हैं,
हर एक पल उनकी याद में बिताते हैं,
आंसू निकल आये जब वो याद आ गए,
जान निकल जाती है जब वो रूठ जाते हैं।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*