माफी मांगने की शायरी

निकला करो इधर से भी होकर कभी कभी, आया करो हमारे भी घर पर कभी कभी, माना कि रूठ जाना यूँ आदत है आप की, लगते मगर हैं अच्छे ये तेवर कभी कभी।

Maafi Mangne Ki Shayari : अगर आप अपने गर्लफ्रेंड, बॉयफ्रेंड या किसी ऐसे व्यक्ति से मांगने चाहते है जो की आपके लिए लिए ख़ास है और आप चाहते है की वह आपसे रूठा न रहे और और आपको माफ़ कर दे | इसके लिए आप उनसे माफ़ी मांगने के लिए उन्हें शायरी भेजे जिनकी मदद से आप आराम से उन्हें मना सकते है तो आप हमारे द्वारा बताई गयी शायरियो को उन्हें भेजे जिसमे की आपकी माफ़ी के लफ्ज़ होते है और वह शायरियो के माध्यम से आपको माफ़ी मांग सकते है |

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माफ करना शायरी

Maaf Karna Shayari : माफ़ कर दो अगर आप इन लफ्ज़ो में किसी से माफ़ी मांगना चाह रहे है तो इसके लिए आप नीचे हमारे द्वारा बताई गयी कुछ शायरियो की मदद से जान सकते है :

तुझे मनाऊँ कि अपनी अना की बात सुनूँ,
उलझ रहा है मेरे फ़ैसलों का रेशम फिर।

रूठ कर कुछ और भी हसीन लगते हो,
बस यही सोच कर तुम को खफा रखा है।

न तेरी शान कम होती न रुतबा ही घटा होता,
जो गुस्से में कहा तुमने वही हँस के कहा होता।

देखा है आज मुझे भी गुस्से की नज़र से,
मालूम नहीं आज वो किस-किस से लड़े है।

माफ़ कर दो उनको जिनको तुम भूल नहीं सकते..,
भूल जाओ उनको जिनको तुम माफ़ नहीं कर सकते..!!

कर दो मुआफ गर हुई कोई खता हमसे
अलग तुमसे होकर और अब रहा नहीं जाता हमसे

हो गई हो भूल तो दिल से माफ कर देना,..!
सुना है सोने के बाद हर किसी की सुबह नही होती,

जब आप का दिल टुटाता है तौ दिल मैरा रौता है…
जब अंजानै सै कौई हमसै कासुर हौ जाता है, तौ यै दिल नासुर बन जाता है

ज़िंदगी सिर्फ चार दिन की दास्ताँ है
कहीं रूठने मनाने मे न निकल जाये

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माफ़ी शायरी

Maafi Shayari : हमने आपको यह कुछ माफ़ी मांगने की शायरी बताई है जिनको पढ़ कर आप आसानी से किसी को भी भेजे और वह आपको माफ़ कर देगा :

गलती की है तो माफ़ कर ,
मगर यूँ ना नजरअंदाज कर

धड़कन बनके जो दिल में समा गए हैं,
हर एक पल उनकी याद में बिताते हैं,
आंसू निकल आये जब वो याद आ गए,
जान निकल जाती है जब वो रूठ जाते हैं

आज मैंने खुद से एक वादा किया है,
माफ़ी मांगूंगा तुझसे तुझे रुसवा किया है,
हर मोड़ पर रहूँगा मैं तेरे साथ साथ,
अनजाने में मैंने तुझको बहुत दर्द दिया है।

इस कदर मेरे प्यार का इम्तेहान न लीजिये,
खफा हो क्यूँ मुझसे यह बता तो दीजिये,
माफ़ कर दो गर हो गयी हो हमसे कोई खता,
पर याद न करके हमें सजा तो न दीजिये।

बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से,
हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से,
तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले,
कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से।

हमसे कोई खता हो जाये तो माफ़ करना,
हम याद न कर पाएं तो माफ़ करना,
दिल से तो हम आपको कभी भूलते नहीं,
पर ये दिल ही रुक जाये तो माफ़ करना।

हो सकता है हमने आपको कभी रुला दिया,
आपने तो दुनिया के कहने पे हमें भुला दिया,
हम तो वैसे भी अकेले थे इस दुनिया में,
क्या हुआ अगर आपने एहसास दिला दिया।

नाराज क्यूँ होते हो किस बात पे हो रूठे,
अच्छा चलो ये माना तुम सच्चे हम ही झूठे,
कब तक छुपाओगे तुम हमसे हो प्यार करते,
गुस्से का है बहाना दिल में हो हम पे मरते।

निकला करो इधर से भी होकर कभी कभी,
आया करो हमारे भी घर पर कभी कभी,
माना कि रूठ जाना यूँ आदत है आप की,
लगते मगर हैं अच्छे ये तेवर कभी कभी।

माफी मांगने की शायरी

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सोरी शायरी

Sorry Shayari : सॉरी बोलना हर किसी के बस की बात नहीं होती है क्योकि यह तभी बोला जाता है जब हमारी गलती होती है और हमे अपनी गलती का पछतावा होता है अक्सर लोगो को तो अपनी की हुई गलती पर पछतावा नहीं होता और वह माफ़ी मांगना नहीं चाहते है लेकिन आप हमारी बताई गयी इन शायरियो को उन्हें भेज कर अपनी गलतियों की माफ़ी मांग सकते है :

तुम हँसते हो मुझे हँसाने के लिए,
तुम रोते हो तो मुझे रुलाने के लिए,
तुम एक बार रूठ कर तो देखो,
मर जायेंगे तुम्हें मनाने के लिए।

कभी सपने को भी दिल से लगाया करो,
किसी के ख्वाबों में आया-जाया करो,
जब भी जी हो कि कोई तुम्हें भी मनाये,
बस हमें याद करके रूठ जाया करो।

हम रूठे भी तो किसके भरोसे रूठें,
कौन है जो आयेगा हमें मनाने के लिए,
हो सकता है तरस आ भी जाये आपको,
पर दिल कहाँ से लायें आपसे रूठ जाने के लिये।

कब तक रह पाओगे आखिर यूँ दूर हमसे,
मिलना पड़ेगा कभी न कभी ज़रूर हमसे,
नज़रें चुराने वाले ये बेरुखी है कैसी,
कह दो अगर हुआ है कोई कसूर हमसे।

तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी,
तुम्हारे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी,
क्या कहे क्या गुजरेगी इस दिल पर,
जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी।

दिल से तेरी याद को जुदा तो नहीं किया,
रखा जो तुझे याद कुछ बुरा तो नहीं किया,
हम से तू नाराज़ हैं किस लिये बता जरा,
हमने कभी तुझे खफा तो नहीं किया।

कोई गिला कोई शिकवा ना रहे आपसे;
यह आरज़ू है कि सिलसिला रहे आपसे;
बस इस बात की बड़ी उम्मीद है आपसे;
खफा ना होना अगर हम खफा रहें आपसे।

भूल उसीसे ही होती है जो कुछ करने की कोशिश करता है!
भूल को कबुल करना ही फूल है!
भूल जाओ कि हमसे कोई भूल नहीं होगी
और भूल होने पर सॉरी कहना मत भूलो
वरना छोटी सी भूल भी महँगी पड़ सकती है!!!

ग़लती इतनी भी बड़ी नहीं की हमने..
जो नाराज़ हो जाओ उम्रभर के लिए..
माना कि हम तेरे कोई नहीं..
पर तू मेरी सबकुछ ये भी तो किसी से छुपा नहीं.. प्लीज़ मान जाओ..

 

 

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