लाइफस्टाइल

डर को कैसे दूर करे | dar ko kaise dur kare

डर को कैसे दूर करे : डर यह शब्द सुनते ही हमको अंदर से अपने किसी भी भयभीत करने वाली बात का किस्सा याद आ जाता है | तो डर आखिर है क्या ? डर यानि की भयभीत होने हमारे मस्तिष्क यानी की दिमाग के अंदर होने वाली अनूभूति है जिसे हम किसी चीज़ के गलत या पूरा न होने पर महसूस करते हैं जैसा की आपने अपना कोई काम पूरा नहीं किया और आपको अंदर से डर सताने लगा की बॉस क्या कहेंगे?

डर कई प्रकार का होता है जैसे की :

  • असफलता का डर,
  • मौत का भय,
  • सार्वजनिक बोलने के डर
  • चिंता के कारण भय,
  • परीक्षा भय,
  • ड्राइविंग का डर,
  • उड़ान का डर,
  • ऊँचाइयों से डर,
  • डूबने का डर
  • अस्वीकृति का डर

तो इस डर पर काबू कैसे पाया जाए या डर पर जीत कैसे जाए ? दोस्तों यह सब मैडिटेशन की शक्ति से संभव है | ज्यादा जानने के लिए निचे पढ़ें :

डर को कैसे भगाये : डर से मुक्ति

डर को भगाने के लिए और भय से मुक्ति पाने के लिए पढ़ें निचे दिए हुए स्टेप्स :

  • भय से छुटकारा पाने के लिए अपने अतीत से छुटकारा पाएं 

दोस्तों क्या आपने कभी गोर किया है की आप उस बात से भयभीत रहते हैं जो आपके से साथ पहले घाट चुकी हो जैसे की कभी कभी लोगो कुत्तो के पास जाने से डरते हैं | ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनके दिमाग में छवि बन चुकी होती है की कुत्ते खतरनाक होते हैं |

जबकि कोई बच्चा कभी किसी चीज़ से नही डरता ऐसा इसलिए है क्योंकि उसके दिमाग में कोई छवि नही रहती इसलिए आप मेडिटेट करें और अपने अंदर का डर भगाएं |

  • चिंता का सामना कर डर को भगाएं

मान लीजिए आपका कुछ ही दिनों में एक इंटरव्यू है। आपने देखा होगा की इंटरव्यू में जाने से पहले डर लगता है? आप चिंतित हो जाते हैं और अपने मन अनियंत्रित विचारों का एक भँवर में अटक जाते है। “क्या होने वाला है? क्या मेरी इंटरव्यू की तैयारी सफल होगी ? मित्रो अपने मन में शान्ति बनाये रखें क्योंकि मन की शान्ति से आप अपने भय पर जीत पाएंगे | लंबी सांस लीजिये और सोचिये की मैं कर सकता हूँ !

डर को कैसे दूर करे | dar ko kaise dur kare

 

डर से मुक्ति के लिए टिप्स

  • जब आप डर या चिंतित महसूस कर रहे हैं, ध्यान लगाएं और पॉजिटिव सोच रखें, कुछ ही मिनट में आपको आत्मविश्वास महसूस होने लगेगा|
  • खुद को याद दिलाते रहे कि सब कुछ अच्छे के लिए होता है।
  • 20 मिनट के लिए दैनिक ध्यान लगाने से आप अंततः अपने भय से पार पाने में सक्षम होंगे |
  • सुबह, मेडिटेट करने के लिए आदर्श समय होता है मगर आप इसे दिन के किसी भी अन्य समय कर सकते हैं खाली पेट मेडिटेट करना आदर्श माना गया है।
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

you can contact us on my email id: harshittandon15@gmail.com

Copyright © 2016 कैसेकरे.भारत. Bharat Swabhiman ka Sankalp!

To Top