गणेश जी से जुडी रोचक बातें

गणेश जी से जुडी रोचक बातें

Ganesh Ji Se Judi Rochak Baatein : भगवान शिव के पुत्र श्री गणेश जी है जिन्हे किसी भी तरह के शुभ कामो में सबसे पहले याद किया जाता है इनके आशीर्वाद से हमारे सभी शुभ काम सफलतापूर्वक होते है | लेकिन बहुत कम लोग ऐसे होंगे जो की ये जानते होंगे की गणेश जी का सर्वप्रथम हर काम में सबसे पहले पूजन किया जाता है | इसीलिए हम आपको गणेश जी के बारे में जानकारी देते है की किस वजह से हम सबसे पहले गणेश जी का पूजन करते है और क्यों उनका पूजन हर शुभ काम में सबसे पहले किया जाता इस तरह से सम्बंधित अन्य जानकारी पाने के लिए आप हमारी इस पोस्ट के द्वारा जान सकते है |

यह भी देखे : महाभारत के कर्ण से जुड़ी रोचक बातें

भगवान गणेश से जुडी कहानियां

Bhagwan Ganesh Se Judi Kahaniyan : भगवान गणेश से जुडी हुई कुछ महत्वपूर्ण कहानियां है जो की हमारे लिए जानने योग्य है इसीलिए हम आपको उनकी कुछ रोचक बातो के बारे में बताते है :

1. गणेश जी का जन्म
गणेश जी का जन्म पार्वती जी के मैल से हुई थी इसके पीछे कारण है की पार्वती जी ने अपनी सहेलियों जया और विजया से कहा की नंदी और बाकि सब गण भगवान शिव की ही आज्ञा मानते है अर्थात मुझे भी अपने लिए के गण चाहिए जो की मेरी बातो को मान सके | तब जाकर माता पार्वती ने अपने मैल से गणेश जी का निर्माण किया |

2. गणेश जी का जन्म उपवास की वजह से
ब्रह्म पुराण के अनुसार माता पार्वती को गणेश जी जैसे पुत्र की प्राप्ति उनके द्वारा पुण्यक नामक व्रत को रखने की वजह से हुई थी तभी भगवान श्री कृष्ण गणेश जी के रूप में माता पार्वती के पुत्र के रूप में जन्म लेते है |

3. गणेश जी का विवाह
गणेश जी ने विवाह न करने का निश्चय किया था इसीलिए एक बार वह तपस्या कर रहे थे तभी वहां से तुलसी माता निकल रही थी | गणेश जी को देख कर तुलसी जी उनकी तरफ आकर्षित हो उठी और उन्होंने विवाह के लिए प्रस्ताव दिया और उनकी तपस्या भांग होने पर उन्हें गुस्सा आ गया जिस पर की पहले गणेश जी तुलसी को अगले जन्म में पौधा बनने का श्राप दे डाला | उसके बाद क्रोध में तुलसी ने भी गणेश जी को दो विवाह होने का श्राप दे डाला यही कारण है गणेश जी की पूजा में कभी तुलसी नहीं चढ़ाई जाती |

भगवान गणेश से जुडी कहानियां

यह भी देखे : शिवलिंग पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए

4. गणेश जी का परिवार
श्राप के कारणवश भगवान गणेश जी की दो शादियां हुई थी जिनकी पत्नियों का नाम सिद्धि और बुद्धि थी जिससे की उन्हें दो संताने प्राप्त हुई थी जिनका नाम क्रमशः क्षेत्र और लाभ थे |

5. लाल और हरे रंग का महत्व
भगवान श्री गणेश जी का शरीर लाल और हरा रंग का है इसका मतलब है की लाल रंग की वजह से शक्ति और हरे रंग की वजह से समृद्धि हमेशा उनके साथ रहती है इसी वजह से हम अपने जीवन में शक्ति और समृद्धि पाने के लिए भगवान गणेश जी का पूजन करते है क्योकि जहाँ भी गणेश होंगे वहां शक्ति और समृद्धि होगी |

यह भी देखे : Mor Pankh Ke Chamatkari Upay

6. भगवान शिव ने क्यों की पूजा
भगवान शिव जो की ब्रह्माण्ड में सर्वशक्तिशाली थे एक बार उन्होंने भी त्रिपुरा नाम के राक्षस का वध करने के लिए और विजय प्राप्त करने के लिए भगवान गणेश जी की पूजा की थी | क्योकि शिव जी उन्हें शुभ काम में सफलता दिलाने के लिए अधिदेवता की उपाधि दी थी |

7. शिव जी के दांत टूटने की कथा
शिव जी के दांत के टूटे होने का कारण यह है की एक बार भगवान परशुराम भगवान शिव से मिलने के लिए कैलाश पर्वत जा रहे थे तभी गणेश जी उनका रास्ता रोका और उन्हें कैलाश पर्वत जाने से मना करने लगे | तभी क्रोध में आकर परशुराम जी ने उन पर फरसे से वार किया क्योकि फरसा शिव जी द्वारा दिया गया था इसीलिए फरसे का सम्मान करते हुए गणेश जी ने फरसे का वार अपने दांत पर लिए जिसकी वजह से उनका एक दांत टूट कर जमीन में गिर पड़ा |

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*