क्रिसमस डे पर कविता | Christmas Day Poem In Hindi

Christmas Day Poem In Hindi

Christmas Day Par Kavita | क्रिसमस डे पोएम इन हिंदी : क्रिसमस डे जिसे की भारत में बड़ा दिन भी कहा जाता है इस दिन को बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है और यह दिन हर साल 25 दिसंबर के दिन मनाया जाता है | इस दिन की बधाई के देने के लिए आप अपने सम्बन्धियों व दोस्तों को विश करने के लिए कई तरह के क्रिसमस कार्ड, क्रिसमस शायरी, तथा मैसेज भेजते है | कई लोग क्रिसमस पर कार्ड भेजते है जिन कार्ड्स पर क्रिसमस की विशिंग लिखते है उसी तरह हम उस पर क्रिसमस की कविताये भी लिखते है अगर आप उन कविताओं को जानना चाहते है तो इसके लिए आप हमारे द्वारा बताई गयी जानकारी को पढ़ सकते है |

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जिंगल बेल पोएम

Jingle Bell Poem : अगर आप जिगले बेल पोएम को जानना चाहते है तो इसके लिए आप नीचे बताई गयी जानकारी के अनुसार जानकारी पा सकते है इसके अलावा अगर आप क्रिसमस डे शायरी और क्रिसमस डे पर निबंध जानना चाहते है तो यहाँ से जान सकते है :

Dashing through the snow,
in a one-horse open sleigh.
O’er the fields we go,
laughing all the way.
Bells on bobtails ring,
making spirits bright.
What fun it is to ride and sing
a sleighing song tonight.
Oh! Jingle bells, jingle bells,
jingle all the way.
Oh what fun it is to ride
in a one-horse open sleigh.
Hey! Jingle bells, jingle bells,
jingle all the way.
Oh what fun it is to ride
in a one-horse open sleigh.
Okay, everyone together now!
Dashing through the snow,
in a one-horse open sleigh.
O’er the fields we go,
laughing all the way.
Bells on bobtails ring,
making spirits bright.
What fun it is to ride and sing
a sleighing song tonight.
Oh! Jingle bells, jingle bells,
jingle all the way.
Oh what fun it is to ride
in a one-horse open sleigh.
Hey! Jingle bells, jingle bells,
jingle all the way.
Oh what fun it is to ride
in a one-horse open sleigh

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Long Poem On Christmas In Hindi

आओ बच्चो! तुम्हें सुनाएँ, गाथा एक पुरानी।
पुभु र्इसा कैसे जन्मे थे? इसकी सुनो कहानी।
‘यूसुफ और ‘मारिया के घर, प्रभु का बेटा आया।
आते ही उसने ‘बेथेलहेम, चमत्कार दिखलाया।।
एक सितारा अदभुत चमका, धर्मगुरू ने जाना।
ये तो बेथेलहेम का राजा, ज्योतिष से पहचाना।
खबर हो गयी बादशाह को, काँप उठा वह डर से।
मरवा डाले सारे बच्चे, खींच- खींच कर घर से।।
लेकिन ‘नाजेरथ का र्इसा, मार नहीं वह पाया।
बाद मृत्यु के बादशाह की, ‘नाजेरथ वह आया।
होकर युवा काम बढ़र्इ का, संग पिता के करता।
और सभी में पे्रम दया की, मधुर भावना भरता।
एक दिवस ‘मर्दन के तट पर, ‘योहन से टकराया।
दिव्य अलौकिक शकित प्राप्त कर, छोड़ी सारी माया।
पे्रम और मानवता का वह, ज्ञान सभी को देता।
घूम- घूम कर इधर उधर वह, सबके दुख हर लेता।
र्इश्वर समझा सबने उसको, तो ‘कैफस घबराया।
कर षड़यंत्र यीशु को उसने, सूली पर लटकाया।।
सत्ताइस सौ वर्ष हो गये, भूल नहीं हम पाते।
जन्म दिवस आते ही उसका, सौ- सौ दीप जलाते।

बडे. दिनों के बाद , बडा दिन क्यों आता हेै
दिनों के घटने बढ़ने से किसका नाता है
केवल अंग्रेजी स्कूलों में क्रिसमस – डे जारी
सेन्टा – क्लाउस दानी था, क्यों शिक्षा व्यापारी
अब तक सेन्टा-क्लाउस से किसने क्या सीखा
क्या भारत में क्रिसमस – डे जैसा कुछ दिखा
धर्म, मजहब के झगडे, घर – घर में जारी हैं
हर सम्प्रदाय में कौम, कबीले क्यों भारी हैं
सेन्टा-क्लाउस ने बच्चो में प्यार ही बाँटा
भेद – भाव से हमने हरदम शैशव को काटा
दुनिया में ये कैसा क्रिसमस – डे है भाई
बदल रहे हैं हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, इसाई
गुलदस्ते हाथ में लेकर बच्चे भाग रहे हैं
अब अंग्रेजी संस्कार वतन में जाग रहे हैं
हर नये वर्ष में दारू और अय्यासी जारी
इस भारत में शिक्षा – दीक्षा कैसी न्यारी
अच्छा होता क्रिसमस – डे हर कौम मनाती
दो वक्त की रोटी हर गरीब के घर मे आती
सेन्टा-क्लाउस बन कर , बच्चों को बहलाते
धर्म, मजहब से उपर उठ कर बच्चे आते
ये कौम कबीले, सभी सुरीले सुर में गाते
एक मजहब सब मिलकर हिन्दुस्तान बनाते
ईसा, मूसा, राम, कृष्ण सब एक ही होते
इस आतंकवाद को देख मुहम्मद भी ना रोते
त्यौहार कोई भी बूरा नही है हृदय शुद्व हो
हर बच्चों में राम, कृष्ण, महावीर, बुद्व हो
हर कौमो से सेन्टा-क्लाउस निकल के आएं
कवि आग भी क्रिसमस – डे से भारत गायें।।

Christmas Day Ki Poem

देखो क्रिस्मस है आया
ढेरों खुशियाँ संग लाया
चारों तरफ है सितारों की चमक
है संग सांता क्लॉस की दमक
चॉक्लेट कैंडी की है छाई बहार
खिलौनों और कपड़ों से हैं सजे बाज़ार
चर्च में हैं कैरल गाये जा रहे
जीसस का जन्मदिन सब हैं माना रहे
इस बड़े दिन मुझको भी कुछ बतलाना है
तुम संग प्यार को निभाना है
खुश तुम रहो यूँ ही हमेशा
तुमको क्रिस्मस की बहुत बधाई

छुटि्टयों का मौसम है
त्योहार की तैयारी है
रौशन हैं इमारतें
जैसे जन्नत पधारी है
कड़ाके की ठंड है
और बादल भी भारी है
बावजूद इसके लोगों में जोश है
और बच्चे मार रहे किलकारी हैं
यहाँ तक कि पतझड़ की पत्तियाँ भी
लग रही सबको प्यारी हैं
दे रहे हैं वो भी दान
जो धन के पुजारी हैं।
खुश हैं ख़रीदार
और व्यस्त व्यापारी हैं
खुशहाल हैं दोनों
जबकि दोनों ही उधारी हैं
भूल गई यीशु का जनम
ये दुनिया संसारी है
भाग रही है उसके पीछे
जिसे हो हो हो की बीमारी है
लाल सूट और सफ़ेद दाढ़ी
क्या शान से सँवारी है
मिलता है वो मॉल में
पक्का बाज़ारी है
बच्चे हैं उसके दीवाने
जैसे जादू की पिटारी है
झूम रहे हैं जम्हूरे वैसे
जैसे झूमता मदारी हैं

क्रिसमस डे पर कविता

Santa Claus Poems In Hindi

जीवन के हर मोड़ पर
अभावों में जो
पलते रहे हैं
सपने जिनकी आंखों में
भरने से पहले
तिड़कते रहे हैं
आओ थोड़ा ध्यान दें
तोहफों से भर दें
उनके जीवन में रस
मनाएं इस बार
ईसा के संदेश को महकाता
कुछ इस तरह क्रिसमस।

क्रिसमस आया क्रिसमस आया,
बच्चों का है मन ललचाया।
सेंटाक्लॉज आएंगे,
नए खिलौने लाएंगे।
सेंटाक्लॉज ने दी आवाज़,
एनी आओ, पेनी आओ,
जॉनी आओ, जॉन आओ,
यीशु की ये याद का दिन है,
बच्चों का ये प्यार का दिन है

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Poems On Merry Christmas In Hindi

औरों के दुःख दर्द को हम जान सकेंगे जिस दिन
औरों के सुख को सुख अपना मान सकेंगे जिस दिन
होगा वही बड़ा दिन ।
भूखा सोये पडोसी अगर, हमसे भी जाये
मरहम औरों के जख्मों पे सदा लगाया जाये
अदने से अदने इंसान से प्यार करेंगे जिस दिन
होगा वही बड़ा दिन ।
सोचते हैं जो अपने लिए, औरों के लिए करेंगे
पाप करम की कमाई से हरदम दूर रहेंगे
लेकिन जो पापी है , उसको माफ़ करेंगे जिस दिन
होगा वही बड़ा दिन ।
काँटा लगे किसी को दिल में, दर्द हमारे जागे
रहें सदा जुड़ के कुछ ऐसे, जैसे दिल से दिल के धागे
देख तड़पता किसी को हम भी, तड़पा करेंगे जिस दिन
होगा वही बड़ा दिन ।

New Christmas Poems In Hindi

छोटे से टोनी ने अपना,
अभिनव रूप सजाया।
सैन्टाक्लाज सरीखा उसने,
अपना वेश बनाया।।
कपड़े पहने लाल रंग के,
श्वेत धारियोंवाले।
और लगाया टोपा,
जिसमें, फुँदने लगे निराले।।
दादी-मूँछ सफेद लगा कर,
बना बड़ा अलबेला।
इसके बाद सड़क पर आया,
देख शाम की बेला।।
उसकी जेबें भरी हुर्इ थीं,
चाकलेट से सारी।
और छुपा ली थीं उसने कुछ,
चीजें प्यारी-प्यारी।।
देखा जैसे ही बच्चों ने,
उसके पीछे भागे।
लड़ने लगे सभी आपस में,
कैसे पहुँचे आगे।।
सैन्टाक्लाज बने टोनी ने,
बच्चों को समझाया।
झगड़ा छोड़ो, रहो प्यार से,
ऐसा पाठ पढ़ाया।।
उसकी मीठी-मीठी वाणी,
सब बच्चों को भार्इ।
खड़े हो गये उसे घेर कर,
छोड़ी तुरत लड़ार्इ ।।
सैन्टा बने हुए टोनी ने,
फिर उपहार निकाले।
और दिए सारे बच्चों को,
गोरे हों या काले।।
देकर के उपहार सभी को,
चला सैन्टा आगे।
खुशियाँ बाँट रहा बच्चों को,
जिससे किस्मत जागे।।
प्रभु र्इसा के सच्चे सेवक,
सीख हमें सिखलाते।
प्यार करो बच्चों से यदि तुम,
प्रभु तुमको मिल जाते।।

कुहरे ने जब चादर तानी
उतरा करने पर मनमानी
सूरज ने उसको फटकारा
खोला अपना भरा पिटारा
पूँछ छिपाकर भागा ऐसे
चूहा देखी बिल्ली जैसे
खुश हो बच्चे बजाय ताली
मिली मिठाई भरकर थाली
आज ही भैया क्रशमस आया
खुशियों से भर झोली लाया

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