Kamada Ekadashi

Kamada Ekadashi 2017

कामदा एकादशी : कंद एकादशी का व्रत हिन्दू धर्म में बहुत मायने रखते है और इसे धार्मिक भी माना जाता है वैसे तो हम जानते है की भारत एक त्योहारो का देश कहलाता है इसलिए इसमें से एक कामदा एकादशी का भी त्यौहार हमारे लिए महत्वपूर्ण है जिस दिन हिन्दू धर्म के लोग व्रत रख कर भगवान की वंदना करते है तो आज हम आपको बताते है की आप किस तरह से इस व्रत पर पूजा-पाठ करेंगे और इससे आपको क्या फल प्राप्त होगा इसकी पूरी जानकरी आपको हमारे माध्यम से मिलती है तो आप जान सकते है की इस एकादशी को क्या-2 करना है क्या नही क्या है शुभ मुहूर्त सभी जानकारी हमारे इस पोस्ट के माध्यम से पा सकते है |

यहाँ भी देखे : Amalaki Ekadashi

Kamada Ekadashi 2017

कामदा एकादशी 2017 : हिंदी पंचांग के अनुसार कामदा एकादशी का दिन चैत्र माह की शुक्ल पक्ष में एकादशी को रखा जाता है और साल 2017 में यह 7 अप्रैल को रखा जायेगा तो पढ़िए आप इससे सम्बंधित सभी जानकारी |

यहाँ भी देखे : Phalguna Purnima

Kamada Ekadashi Vrat Vidhi

कामदा एकादशी व्रत विधि : कामदा एकाधि का दिन बहुत ही धार्मिक व्रत के नाम से जाना जाता है इसके लिए हम आपको कामदा एकादशी की व्रत विधि बताते है नीचे दी हुई जानकारी के अनुसार आप इस व्रत को रख सकते है :

  • कंद एकादशी वाले दिन सुबह उहठकर स्नान करना चाहिए और व्रत का संकल्प लेना चाहिए |
  • इस व्रत में भगवान विष्णु की पूजा होती है इसलिए आपको विष्णु जी की फल, फूल, दूध, पंचामृत, तिल आदि से पूजन करना चाहिए |
  • और इस दिन अगर आप व्रत रख रहे है तो सोने की बजाय भजन-कीर्तन या जागरण भी कर सकते है इस व्रत में सोना अशुभ माना गया |
  • अगले दिन खुद भोजन करने से पहले या व्रत तोड़ने से पहले ब्राह्मण को भोजन कराना चाहिए और ब्राह्मणों को दक्षिणा भी देनी चाहिए |

Kamada Ekadashi

Kamada Ekadashi In Hindi

कामदा एकादशी इन हिंदी : कामदा एकदशी के बारे में कथा है की यह कथा पुराण में पांडव राजा युधिष्ठिर को भगवान कृष्ण द्वारा सुनाई गई है, क्योंकि यह कथा ऋषि वशिष्ठ ने राजा दिलीप को सुनाई थी। एक बार, एक युवा गंधर्व युगल, ललित और उनकी पत्नी ललिता, रत्नपुरा शहर में रहते थे, जो सोने और चांदी से सजाया गया एक बहुत समृद्ध शहर था, जिस पर राजा पुण्डरीक का शासन था। ललित एक प्रसिद्ध गायक थे, जबकि ललिता शाही दरबार में एक प्रसिद्ध नर्तक थे एक दिन जब ललित शाही अदालत में गायन कर रहे थे, तो उसका ध्यान गीत से उसकी पत्नी की याद में चला गया और उसका लय बिगड़ गया, अदालत में एक नागिन ने मूर्खता के राजा को शिकायत की और कहा कि ललित ने अपनी पत्नी को अपने स्वामी से ज्यादा महत्वपूर्ण माना, राजा क्रुद्ध, राजा पुण्डरीक ने ललित को एक राक्षसी नरभक्षी बनने के लिए शाप दिया था : Aage ki Stori Neeche Padhe

यहाँ भी देखे : Papmochani Ekadashi

Kamada Ekadashi Story

कामदा एकाधि स्टोरी : जब ललिता को इस बात का ज्ञान हुआ तो वह बहुत उदास हुई और उसने अपने पति को इस श्राप से मुक्त कराने की ठान ली, ललिता ऋषि श्रृंगी के पास आ गईं। ऋषि को अपना सम्मान देते हुए, उन्होंने अपील की कि वह उनकी समस्या का समाधान प्रदान करे। ऋषि श्रृंगी ने उससे कहा कि वह अपने पति के पापों के लिए प्रायश्चित करने के लिए कामदा एकदशी के वचन का पालन करें। ललिता ने महान भक्ति के साथ एकदशी व्रत मनाया और अगले दिन ऋषि का दौरा किया और भगवान कृष्ण को झुकाया। उसने भगवान से अनुरोध किया कि वह अपने पति को राजा के अभिशाप से मुक्त करे ताकि उपवास से प्राप्त धार्मिक योग्यता का इनाम मिल सके। कृष्ण के आशीर्वाद के साथ, ललित को अपने मूल गंधर्व रूप में बहाल किया गया था। इसके बाद, उन्हें स्वर्गीय उड़ान रथ पर स्वर्ग तक ले जाया गया |

You have also Searched for : 

kamada ekadashi in hindi
kamada ekadashi 2016
varuthini ekadashi story
ekadasi story
ekadashi importance

loading...

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*