Chaitra Purnima

Chaitra Purnima

चैत्र पूर्णिमा : जैसा की हम सभी जानते है की पूर्णिमा का व्रत हर माह रखा जाता है क्योंकि हिंदी पंचांग के अनुसार पूर्णिमा हर माह में आती है इसलिए इसलिए हम बात कर रहे है चैत्र पूर्णिमा की इस पूर्णिमा के दिन को पुराणों को सर्वश्रेष्ठ माना गया है क्योंकि यह पूर्णिमा अत्यंत ही शुभकारी और फलदायी होती है वैसे तो हम जानते है की पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की पूजा करने का विधान होता है चैत्र हिंदी पंचांग के अनुसार वर्ष के पहला माह होता है और फाल्गुन का माह आखिरी होता है इसलिए हम इस पूर्णिमा को मनाते है वैसे इससे पहले हम फाल्गुन पूर्णिमा और माघ पूर्णिमा के बारे में पढ़ चुके है अब आप जान सकते है की चैत्र पूर्णिमा की पूजा पाठ कैसे करते है यह नवरात्रि भी चैत्र में ही पड़ती है |

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Chaitra Purnima 2017

चैत्र पूर्णिमा 2017 : जैसा की हम जानते है की पूर्णिमा का व्रत हर माह आता है इसलिए पूर्णिमा का व्रत अत्यंत महत्त्व रखता है इस दिन उपवास रखने तथा चंद्र देव अर्थात चंद्रमा की पूजा करने का विधान है इसलिए साल 2017 में चैत्र माह की पूर्णिमा 10 अप्रैल को है |

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Chaitra Purnima 2017

चैत्र पूर्णिमा व्रत विधि

Chaitra Purnima Vrat Vidhi : अगर आप चैत्र माह की पूर्णिमा को व्रत रखना चाहे तो हमारे दिए निम्न प्रकार के उपायो की सहायता से व्रत रख सकते है तो जाने की किस तरह से व्रत-विधि करेंगे :

  • पुराणों के नौसर अगर आप चैत्र की पूर्णिमा का व्रत रख रहे है तो इसके लिए आपको प्रातः जल्दी उठकर स्नान करना होगा |
  • और सभी कार्य पुरे करके व्रत का संकल्प लेना होगा |
  • और रात में पुरे विधि-विधान से चन्द्रमा की पूजा करनी होगी और जल भी अर्पण करना होगा |
  • पूजन करने के बाद जो व्रत रखे उसको अन्न से भरा हुआ घड़ा ब्राह्मण को दान करना होगा |
  • और फिर रात में विधिपूर्वक पूजा करके चंद्र देव को प्रसन्न करना चाहिए |

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Chaitra Purnima Importance

चैत्र पूर्णिमा इम्पोर्टेंस : पूर्णिमा के व्रत में सबसे अधिक व्रत की मान्यता चैत्र की पूर्णिमा को दिया जाता है इसलिए पुराणों के अनुसार ऐसी मान्यता है की चैत्र माह की पूर्णिमा को विधिपूर्वक व्रत रखने से चंद्र द्वारा सभी दुःख दूर हो जाता है और चंद्र देव अति प्रसन्न हो जाते है और जो व्रत रखते है उनको मनवांछित फल देते है | इस व्रत को करने के लिए आपको गंगा जमुना जैसी पवित्र नदियो में स्नान करने से सभी दुख दर्द होते है अथवा पुराणों में यह भी लिखा है की इस व्रत के दिन आप तुलसी स्नान कर सकते है और स्नान करते समय आप ॐ नमो नारायण मन्त्र का जाप अवश्य करे |

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