कुमार विश्वास शायरी

कुमार विश्वास के मुक्तक

Kumar Vishwas Shayari : कुमार विश्वास जो की हिंदी जगत के एक बहुत बड़े कवि रह चुके है उनकी जितनी तारीफ की जाये काम है कुमार विश्वास द्वारा कही गयी कुछ प्रेरणादायक शायरी और दिल छूने वाली शायरियो के माध्यम से जाने की किस तरह से आप इनकी शायरियो के माध्यम से उनके चरित्र के बारे में जान सकते है वह एक आत्मविश्वासी व्यक्ति थे जिनके द्वारा कही गयी कुछ शायरियाँ आज भी हमारे दिल में बस्ती है तो जाने कुमार विश्वास द्वारा कही गयी कुछ शेरो शायरियाँ भी | वैसे वर्तमान में कई शायरों ग़ालिब और इमरान प्रतापगढ़ी जैसे शायरों को टक्कर देने वाले विश्वास जी ने अपनी शायरियो के बदौलत हिंदी जगत में अपनी एक अलग ही पहचान बनायीं है |

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कुमार विश्वास के मुक्तक

Kumar Vishwas ke Muktak : डॉ. कुमार विश्वास प्रसिद्ध शायर है जिनके द्वारा कही गयी कुछ शायरियाँ निम्नलिखित है जिन्हें पढ़ कर आप वाकई में विश्वास जी के बारे में काफी कुछ जान सकते है :

पनाहों में जो आया हो तो उस पर वार क्या करना
जो दिल हारा हुआ हो उस पे फिर अधिकार क्या करना
मुहब्बत का मजा तो डूबने की कशमकश में है
हो ग़र मालूम गहराई तो दरिया पार क्या करना।

सदा तो धूप के हाथों में ही परचम नहीं होता
खुशी के घर में भी बोलों कभी क्या गम नहीं होता
फ़क़त इक आदमी के वास्तें जग छोड़ने वालो
फ़क़त उस आदमी से ये ज़माना कम नहीं होता।

स्वंय से दूर हो तुम भी स्वंय से दूर है हम भी
बहुत मशहूर हो तुम भी बहुत मशहूर है हम भी
बड़े मगरूर हो तुम भी बड़े मगरूर है हम भी
अतः मजबूर हो तुम भी अतः मजबूर है हम भी

नज़र में शोखिया लब पर मुहब्बत का तराना है
मेरी उम्मीद की जद़ में अभी सारा जमाना है
कई जीते है दिल के देश पर मालूम है मुझकों
सिकन्दर हूं मुझे इक रोज खाली हाथ जाना है।

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कुमार विश्वास के कवि सम्मेलन

Kumar Vishwas ke Kavi Sammelan : प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास जी द्वारा कही गयी कुछ ऐसी ही बेहतरीन और मज़ेदार शायरी जो की उनको कई कवि सम्मलेन में पुरस्कृत योग्य बनाती है इनके माध्यम से उनको कई पुरस्कार भी मिल चुके है :

हमने दुःख के महासिंधु से सुख का मोती बीना है
और उदासी के पंजों से हँसने का सुख छीना है
मान और सम्मान हमें ये याद दिलाते है पल पल
भीतर भीतर मरना है पर बाहर बाहर जीना है।

कोई मंजिल नहीं जंचती, सफर अच्छा नहीं लगता
अगर घर लौट भी आऊ तो घर अच्छा नहीं लगता
करूं कुछ भी मैं अब दुनिया को सब अच्छा ही लगता है
मुझे कुछ भी तुम्हारे बिन मगर अच्छा नहीं लगता।

वो जिसका तीरे छुपके से जिगर के पार होता है
वो कोई गैर क्या अपना ही रिश्तेदार होता है
किसी से अपने दिल की बात तू कहना ना भूले से
यहां खत भी जरा सी देर में अखबार होता है।

वो जो खुद में से कम निकलतें हैं
उनके ज़हनों में बम निकलतें हैं
आप में कौन-कौन रहता है
हम में तो सिर्फ हम निकलते हैं।

कुमार विश्वास शायरी

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Kumar Vishwas Love Shayari In Hindi

कुमार विश्वास लव शायरी इन हिंदी : कुमार विश्वास द्वारा कही गयी कुछ लव शायरी जिनसे की आप प्रेम संबंधी अपने प्रेमी या प्रेमिकाओ को भेज सकते है :

घर से निकला हूँ तो निकला है घर भी साथ मेरे
देखना ये है कि मंज़िल पे कौन पहुँचेगा
मेरी कश्ती में भँवर बाँध के दुनिया ख़ुश है
दुनिया देखेगी कि साहिल पे कौन पहुँचेगा।

Gaon gaon gaata phirta hoon, khud me magar bin gaaya hoon,
Tumne baandh liya hota to khud me simat gaya hota main,
Tumne chhod diya hai to kitni door nikal aaya hoon main…!!
Kat na paayi kisi se chaal meri, Log dene lage mishaal meri…!
Mere jumloon se kaam lete hain wo, Band hai jinse bolchaal meri…!!

Ek do roj me har aankhein ubb jaati hai,
Mujhko manjil nahi rasta samajhne lagte hai…!
Jinko haasil nahi wo jaan dete rahte hai,
Jinko mil jaun wo sasta samajhne lagte hai…!!

Aankhein ki chhat pe tahalte rahe kaale saaye,
Koi pahlo me ujale bharne nahi aaya…!
Kitni diwali gayi, kitne dashahare beete,
Inn munderon par koi deep na dharne aaya…!!

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